By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। देवतुल्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम जलार्पण कराने के उद्देश्य से इस बार भी VIP, VVIP एवं Out of Turn दर्शन पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में VIP या आउट ऑफ टर्न दर्शन जैसी व्यवस्थाओं से आम श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूर्व की भांति इस बार भी VIP/VVIP दर्शन पर रोक लगाने का फैसला किया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से सुगम दर्शन और जलार्पण का अवसर मिल सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि देवघर जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के अव्यवस्था या अफरा-तफरी से बचते हुए श्रद्धालुओं को सहज, सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन कराना है। उन्होंने आम श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी को शांतिपूर्ण तरीके से जलार्पण का लाभ मिल सके।
प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया कि बसंत पंचमी के अवसर पर पूर्व की तरह 600 रुपये शुल्क के साथ शीघ्र दर्शनम (Sheeghra Darshan) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जो श्रद्धालु शीघ्र दर्शन करना चाहते हैं, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, VIP या आउट ऑफ टर्न दर्शन की कोई भी अनुमति इस दिन नहीं दी जाएगी।
इस वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को बाबा बैद्यनाथ मंदिर का पट अहले सुबह 03:05 बजे खोला जाएगा। प्रशासन ने मंदिर प्रबंधन समिति, पुलिस प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी पूरे मंदिर परिसर पर नजर रखी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में अस्थायी चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। गर्म पानी, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या अव्यवस्थित व्यवहार से बचें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने साथ कम से कम सामान लेकर आएं, लाइन में अनुशासन बनाए रखें और बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, मंदिर परिसर में प्रतिबंधित वस्तुएं जैसे प्लास्टिक, ज्वलनशील सामग्री आदि लेकर न आएं।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा संयुक्त रूप से ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रखने की योजना बनाई गई है। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी, ताकि जाम की समस्या न हो और श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें।
बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रशासन की ओर से किए गए इन विशेष इंतजामों से श्रद्धालुओं को न केवल सुगम दर्शन मिलेगा, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
अंत में उपायुक्त ने पुनः सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी नियमों का पालन करें, प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग दें और शांतिपूर्ण तरीके से जलार्पण करें, ताकि यह पावन पर्व सभी के लिए सुखद और यादगार बन सके।

