देवघर। भारतीय रेलवे और पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से भारत सरकार की देखो अपना देश एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत योजनाओं को नई गति देने के उद्देश्य से भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन एक बार फिर शुरू किया जा रहा है। यह विशेष धार्मिक–सांस्कृतिक यात्रा 18 जनवरी 2026 से आरंभ होगी। इस यात्रा का संचालन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) द्वारा किया जा रहा है। ट्रेन बेतिया से खुलेगी और रक्सौल, दरभंगा, पटना, जसीडीह, आसनसोल, बांकुड़ा, हिजली और बालेश्वर जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और पश्चिम तट के विभिन्न पवित्र स्थलों तक यात्रियों को लेकर जाएगी।

14 रात और 15 दिन की इस विशेष यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है। इस यात्रा का उद्देश्य यात्रियों को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक मान्यताओं, स्थापत्य कला और आध्यात्मिकता से जोड़ना है। IRCTC ने इस यात्रा को सर्व-सुविधा सम्पन्न सर्वसमावेशी पैकेज के तहत तैयार किया है, जिसमें यात्रा, भोजन, आवास, दर्शन और स्थानीय परिवहन सहित सभी सुविधाएँ शामिल हैं।
यात्रा में शामिल प्रमुख तीर्थ स्थल और ज्योतिर्लिंग
भारत गौरव ट्रेन पर यात्रा करने वाले यात्रियों को निम्न प्रमुख धार्मिक स्थलों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाएंगे—
तिरुपति बालाजी
रामेश्वरम
मदुरै
कन्याकुमारी
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम)
जगन्नाथ पुरी
रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग
अन्य प्रमुख दक्षिण भारत के मंदिर और सांस्कृतिक स्थल
यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यात्रियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा, लोककला और ऐतिहासिक धरोहरों की भी झलक कराती है। भारत गौरव ट्रेन को भारतीय रेल ने विशेष रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया है और यह पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक लोकप्रियता हासिल कर चुकी है।
किराया और श्रेणी के अनुसार शुल्क
IRCTC ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए तीन अलग-अलग श्रेणियों में किराया निर्धारित किया है—
3AC श्रेणी: ₹37,500/- प्रति यात्री
स्लीपर श्रेणी: ₹27,535/- प्रति यात्री
2nd AC श्रेणी: ₹51,405/- प्रति यात्री
यह पैकेज पूरी तरह ऑल-इनक्लूसिव है, जिसमें भोजन, होटल/धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय बस यात्रा, दर्शन–पर्ची की व्यवस्था, ट्रैवल इंश्योरेंस और गाइड सुविधा भी शामिल है। यात्रियों को पूरे सफर में किसी भी प्रकार की अलग से व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होगी। IRCTC का दावा है कि यह यात्रा सामान्य पर्यटन की तुलना में काफी आर्थिक और सुरक्षित है।
रेलवे की बड़ी पहल: घरेलू पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
भारत गौरव ट्रेन का उद्देश्य देशवासियों को भारत के अंदर धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित करना है। ‘देखो अपना देश’ अभियान के तहत भारतीय रेलवे लगातार ऐसे विशेष टूर पैकेज ला रहा है, जो आम लोगों की जेब के अनुकूल और सुविधाओं से भरपूर हैं।
इस पहल से न केवल तीर्थ यात्राएँ आसान होंगी, बल्कि रेल पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल उद्योग, पर्यटन परिवहन और हस्तशिल्प व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे मंत्रालय और IRCTC का दावा है कि इस ट्रेन की लोकप्रियता के कारण विदेशों से भी पर्यटक भारतीय धार्मिक धरोहरों को जानने और समझने के लिए भारत गौरव ट्रेन का रुख कर रहे हैं।
जसीडीह और देवघर क्षेत्र के लिए विशेष महत्व
इस बार भारत गौरव ट्रेन का जसीडीह रेलवे स्टेशन से गुजरना देवघर और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी सुविधा है। बाबा बैद्यनाथ धाम की पवित्र भूमि से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दक्षिण भारत के मंदिरों के दर्शन के लिए जाते हैं। ऐसे में जसीडीह से ट्रेन गुजरने से हजारों यात्रियों को सीधे सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही, देवघर के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए भविष्य में IRCTC द्वारा और भी विशेष पैकेज लाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
2 फरवरी 2026 को होगा यात्रा का समापन
IRCTC के अनुसार, यह यात्रा 2 फरवरी 2026 को समाप्त होगी। कुल 15 दिनों में यात्री भारत के लगभग आधा दर्जन राज्यों की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नजदीक से अनुभव कर पाएंगे। यह यात्रा आधुनिक सुविधाओं और भारतीय परंपराओं का अनूठा संगम होगी।
यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए IRCTC की टीम पूरे सफर के दौरान साथ रहेगी। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं सुविधा की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
भारत गौरव पर्यटक ट्रेन धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। 18 जनवरी 2026 से शुरू हो रही यह यात्रा न केवल तीर्थ दर्शन का अवसर प्रदान करेगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी करीब से जानने का मौका देगी। IRCTC की यह पहल भारतीय पर्यटन को नई दिशा दे रही है और लोगों को ‘देखो अपना देश’ के संकल्प के साथ देश की आध्यात्मिक छवि से जोड़ रही है।

