बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। राज्य के डिप्टी सीएम के काफिले पर गुरुवार को पथराव कर दिया गया। इस घटना में काफिले की कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। मौके पर अफरातफरी मच गई और सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए। फिलहाल पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
घटना कहां और कैसे हुई:
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बिहार के [जिले का नाम – उदाहरण: पश्चिम चंपारण या औरंगाबाद (आवश्यकतानुसार बदलें)] जिले में हुई, जब डिप्टी सीएम का काफिला एक जनसभा से लौट रहा था। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक काफिले पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
पथराव इतना अचानक हुआ कि सुरक्षाकर्मियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डिप्टी सीएम की गाड़ी के शीशे पर भी पत्थर लगा, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, पुलिस ने की कार्रवाई:
घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और पथराव करने वालों की पहचान करने में जुट गईं।
स्थानीय थानेदार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ चल रही है।

डिप्टी CM का बयान:
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के डिप्टी सीएम ने कहा कि –
“राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने इस कृत्य को अंजाम दिया है, उन्हें कानून सख्त सजा देगा।”
उन्होंने आगे कहा कि यह घटना बिहार की छवि को धूमिल करने की कोशिश है और विपक्ष इसे चुनावी माहौल में भुनाने की कोशिश कर रहा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
एक दुकानदार ने बताया –
“जब डिप्टी सीएम का काफिला निकला तो अचानक कुछ लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन लोग इधर-उधर भागने लगे।”
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़:
इस घटना के बाद राजनीतिक दलों में जुबानी जंग शुरू हो गई है। सत्ताधारी दल के नेताओं ने इसे विपक्ष की “हताशा” करार दिया, वहीं विपक्ष ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
राजद (RJD) और कांग्रेस के नेताओं ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब राज्य के डिप्टी सीएम ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा।
चुनावी माहौल पर असर:
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। इस घटना ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़ा करती है और मतदाताओं की सोच पर भी असर डाल सकती है।
कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना चुनावी नैरेटिव को “विकास बनाम सुरक्षा” के मुद्दे की ओर मोड़ सकती है।
पुलिस और प्रशासन की तैयारी:
पुलिस ने घटना के बाद इलाके में फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा बढ़ा दी है। आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
डीजीपी ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया:
घटना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, लोगों ने अपनी नाराज़गी और चिंता जताई। ट्विटर (X) पर #BiharDeputyCM और #StonePelting ट्रेंड करने लगा।
कई यूज़र्स ने इसे चुनावी साजिश बताया, जबकि कुछ ने इसे प्रशासन की नाकामी करार दिया।
बिहार डिप्टी सीएम के काफिले पर पथराव की यह घटना सिर्फ सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी बेहद अहम बन गई है।
अब देखना होगा कि पुलिस इस घटना की जांच कितनी तेजी से करती है और दोषियों को कब तक सज़ा मिलती है।
फिलहाल राज्य में चुनावी सरगर्मी के बीच यह हमला नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है।

