पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) जारी किया। इस घोषणापत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं और रोजगार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। पटना में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि केंद्र सरकार किसान योजना के तहत हर किसान को ₹3000 प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी। घोषणापत्र जारी करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार का विकास नई ऊंचाइयों को छू रहा है। एनडीए का यह घोषणापत्र सिर्फ एक वादा नहीं, बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का रोडमैप है।
किसानों के लिए “प्रधानमंत्री किसान सहायता योजना” की घोषणा
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और एनडीए सरकार उनकी समृद्धि के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री किसान सहायता योजना” के तहत किसानों को हर माह ₹3000 की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि खेती में लगने वाले खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों में आसानी हो सके।
इसके अलावा, छोटे और सीमांत किसानों के लिए ब्याजमुक्त फसल ऋण योजना, सिंचाई के लिए सोलर पंप की सुविधा और बीमा कवरेज में वृद्धि जैसे कदम भी घोषणापत्र में शामिल किए गए हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप मिशन
घोषणापत्र में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। एनडीए ने वादा किया है कि अगले पांच वर्षों में बिहार में 25 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
इसमें सरकारी नौकरियों के साथ-साथ “बिहार स्टार्टअप मिशन 2.0” की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत युवाओं को 5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण और तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। सम्राट चौधरी ने कहा, “हमारे युवा बिहार का भविष्य हैं। उन्हें नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना हमारा संकल्प है।”
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
एनडीए के घोषणापत्र में महिलाओं के उत्थान और सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई है। “मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना” के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण मिलेगा।
घोषणापत्र में यह भी वादा किया गया है कि महिला स्व-सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का बिना गारंटी ऋण दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
इसके साथ ही, हर जिले में महिला सुरक्षा हेल्पडेस्क और महिला पुलिस बल में भर्ती में 40% आरक्षण का प्रावधान भी घोषणापत्र का हिस्सा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की रूपरेखा
शिक्षा के क्षेत्र में एनडीए ने स्कूलों में डिजिटल कक्षाओं के विस्तार, शिक्षक भर्ती में पारदर्शिता और “बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ” मिशन के तहत छात्रवृत्तियों में वृद्धि की घोषणा की है।
उच्च शिक्षा के लिए नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और आईटी व टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स शुरू करने की योजना भी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, हर जिले में मेडिकल कॉलेज और मातृ-शिशु देखभाल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। एनडीए ने यह भी कहा कि “प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” के तहत बिहार के हर नागरिक को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर फोकस
घोषणापत्र में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष बल दिया गया है।
एनडीए ने वादा किया है कि आने वाले पांच वर्षों में हर गांव को पक्की सड़क, हर घर को नल से जल और हर खेत को बिजली-सिंचाई की सुविधा दी जाएगी।
राज्य में नए औद्योगिक कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे निर्माण की भी योजना है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना
घोषणापत्र जारी करने के दौरान सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा,
“विपक्ष के पास न तो दृष्टि है, न योजना। एनडीए ने जो वादा किया, वह पूरा किया है — चाहे वह बिजली, सड़क, शिक्षा या रोजगार की बात हो। बिहार के लोग जानते हैं कि विकास सिर्फ एनडीए के शासन में संभव है।”
उन्होंने कहा कि एनडीए की नीतियां बिहार के गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला — सभी वर्गों के हित में हैं।
जनता से अपील
सम्राट चौधरी ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को “विकसित राज्य” बनाने का लक्ष्य अब दूर नहीं है।
एनडीए नेताओं का दावा है कि यह घोषणापत्र सिर्फ चुनावी दस्तावेज नहीं, बल्कि बिहार के उज्जवल भविष्य की रूपरेखा है।

