पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनावी सरगर्मी आज शाम थम जाएगी। सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान में राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। पहले चरण में जबरदस्त मतदान के बाद अब दूसरे चरण पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, दूसरे चरण में करीब 2.18 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनके लिए लगभग 25 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
दूसरे चरण में किन जिलों में वोटिंग
दूसरे चरण का मतदान पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों में होगा। इन 20 जिलों की कुल 122 सीटों पर राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
बड़े दिग्गजों की साख दांव पर
इस चरण में कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार में जमकर पसीना बहाया।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि इस बार बिहार की जनता बदलाव चाहती है और महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत मिलेगी। वहीं, एनडीए नेताओं ने कहा कि “जनता विकास और स्थिर सरकार के पक्ष में है, जाति और परिवारवाद के नहीं।”
प्रचार में गूंजे रोजगार, विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे
दूसरे चरण के प्रचार के दौरान सभी दलों ने अपने-अपने मुद्दे प्रमुखता से उठाए। महागठबंधन ने बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया, जबकि एनडीए ने अपने 10 वर्षों के विकास कार्यों और योजनाओं को गिनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल और वास्तविक रैलियों में “विकसित बिहार” का नारा दिया गया, वहीं तेजस्वी यादव ने “नई उम्मीद, नया बिहार” का संकल्प जताया।
महिला मतदाताओं पर पार्टियों की खास नजर
इस बार महिला मतदाताओं का वोट निर्णायक साबित हो सकता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में महिलाओं की भागीदारी 48% से अधिक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाता ही कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकती हैं।
महिलाओं को लुभाने के लिए एनडीए ने उज्ज्वला योजना, छात्राओं को साइकिल वितरण और आरक्षण जैसी उपलब्धियों को गिनाया, वहीं महागठबंधन ने सरकारी नौकरियों में समान अवसर और सुरक्षा की बात की।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी 20 जिलों में अर्धसैनिक बलों की 250 कंपनियां तैनात की जाएंगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर वेबकास्टिंग और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष टीम तैनात रहेगी।
नेताओं की अंतिम अपील
प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए रोड शो, जनसभाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी ताकत झोंक दी। तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा — “अबकी बार जनता बोलेगी, बेरोजगारी खत्म होगी।” वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कहा — “बिहार ने तय कर लिया है, इस बार फिर मोदी-नीतीश सरकार।”
मतदाताओं की राय
गया, पटना और सीवान जैसे जिलों के मतदाताओं से बात करने पर यह साफ दिखा कि लोग स्थानीय मुद्दों पर वोट करने के मूड में हैं। युवा वर्ग रोजगार को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में किसान समस्याओं और सड़कों की स्थिति बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
तीसरे चरण की तैयारी
दूसरे चरण के बाद अब तीसरे और अंतिम चरण का प्रचार अभियान शुरू होगा, जिसमें शेष जिलों की 94 सीटों पर मतदान होगा। 11 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान के बाद 15 नवंबर से तीसरे चरण का माहौल गर्माने लगेगा।
बिहार चुनाव 2025 का दूसरा चरण बेहद अहम माना जा रहा है। यह चरण तय करेगा कि सत्ता की राह किस ओर जाएगी। पहले चरण में जिस तरह जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उससे यह उम्मीद की जा रही है कि दूसरे चरण में भी मतदान प्रतिशत ऊंचा रहेगा।
11 नवंबर को होने वाले मतदान में जनता एक बार फिर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका निभाएगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति किस दिशा में करवट लेती है।

