अररिया, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अररिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस रैली में उमड़ी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष पर तीखे हमले करते हुए कहा कि बिहार ने 90 के दशक के उस दौर को देखा है जब राज्य में जंगलराज, भ्रष्टाचार और भय का माहौल था। उन्होंने जनता से अपील की कि अब बिहार को फिर से पीछे नहीं जाने देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “90 के दशक में बिहार का नाम देशभर में अपराध, अपहरण और भ्रष्टाचार के लिए बदनाम था। तब यहां से उद्योग भाग गए, निवेशक डर गए और युवाओं को पलायन करना पड़ा।” उन्होंने कहा कि आज जब बिहार विकास की राह पर है, तब फिर वही लोग सत्ता में लौटने का सपना देख रहे हैं जिन्होंने राज्य को बर्बादी की ओर धकेला था।
मोदी ने मंच से जनता को याद दिलाया कि उनकी सरकार ने बीते 10 वर्षों में बिहार को केंद्र से अभूतपूर्व सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि “बिहार के हर जिले में सड़कों, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है। गरीबों को पक्के घर, मुफ्त अनाज और गैस कनेक्शन मिले हैं।”

प्रधानमंत्री ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि “ये लोग सिर्फ सत्ता के लिए साथ आए हैं, लेकिन इनके बीच कोई नीति या नीयत साफ नहीं है।” उन्होंने विपक्षी दलों पर जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि ये दल बिहार को फिर से ‘अंधकार युग’ में ले जाना चाहते हैं।
मोदी ने रैली के दौरान युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि “पहली बार वोट डालने वाले युवा यह याद रखें कि उनका एक वोट बिहार के भविष्य को तय करेगा। ये चुनाव सिर्फ सरकार बनाने का नहीं, बल्कि राज्य के भाग्य लिखने का अवसर है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने हर गांव को सड़क और बिजली से जोड़ने का काम किया है। मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार को उद्योग, आईटी और पर्यटन का हब बनाया जाएगा।
रैली में मोदी ने बिहार की जनता के उत्साह की तारीफ की। उन्होंने कहा कि “आज मैं देख रहा हूं कि बिहार की जनता विकास के साथ है। आज अररिया की यह भीड़ बता रही है कि लोग ‘जंगलराज’ नहीं, ‘विकासराज’ चाहते हैं।”
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “महागठबंधन के नेता सिर्फ भाषणों में विकास की बात करते हैं, लेकिन जब मौका मिलता है, तो सिर्फ अपने परिवार की राजनीति करते हैं।” उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए की सरकार ने गरीबों को सशक्त बनाया है, जबकि विपक्षी दलों ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है।
उन्होंने जनता से अपील की कि पहले चरण के मतदान में बड़ी संख्या में मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं। मोदी ने कहा कि “पहले मतदान, फिर जलपान” — यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक है।
मोदी ने अपने भाषण के अंत में बिहार की जनता से कहा, “आपका एक वोट बिहार में विकास और स्थिरता को सुनिश्चित करेगा। अगर बिहार को आगे बढ़ाना है, तो ईमानदार और स्थिर सरकार जरूरी है, और यह सरकार एनडीए ही दे सकता है।”
रैली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अररिया के मैदान में हजारों की भीड़ उमड़ी, जो मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठी। स्थानीय नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली ने पहले चरण के मतदान के दौरान एनडीए के पक्ष में माहौल को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अररिया की यह रैली बिहार चुनाव के पहले चरण पर बड़ा असर डाल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी का सीधा हमला महागठबंधन पर और 90 के दशक के ‘जंगलराज’ की याद दिलाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, ताकि मतदाताओं को यह संदेश दिया जा सके कि बिहार को फिर से अराजकता के दौर में नहीं लौटने देना है।
जैसे-जैसे पहले चरण का मतदान आगे बढ़ रहा है, बिहार का चुनावी संग्राम और दिलचस्प होता जा रहा है। एक ओर एनडीए विकास और स्थिरता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन परिवर्तन की बात कर रहा है। ऐसे में अररिया से प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश निश्चित रूप से बिहार के राजनीतिक माहौल को झकझोरने वाला साबित हुआ है।

