पटना/वैशाली: बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राघोपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरने की औपचारिक घोषणा कर दी। तेजस्वी ने वैषाली जिला समाहरणालय में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ पूरा लालू परिवार मौजूद रहा, जिसने जनता को स्पष्ट संदेश दिया कि यादव परिवार इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने को तैयार है।तेजस्वी यादव जब नामांकन दाखिल करने पहुंचे तो वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थकों ने “तेजस्वी यादव जिंदाबाद”, “लालू परिवार अमर रहे” जैसे नारे लगाए। मंच पर पहुंचने से लेकर नामांकन दाखिल करने तक पूरे माहौल में जोश और उत्साह देखने को मिला।
परिवार की एकजुटता ने दिया राजनीतिक संदेश
तेजस्वी यादव के साथ लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती की मौजूदगी ने विपक्षी दलों को सीधा संदेश दिया कि आरजेडी का कुनबा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।
लालू यादव ने नामांकन के दौरान तेजस्वी के कंधे पर हाथ रखकर कहा, “अब बिहार की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में है, जनता एक बार फिर न्याय के साथ विकास का साथ देगी।”
राबड़ी देवी ने भी कहा कि राघोपुर की जनता ने हमेशा यादव परिवार पर विश्वास जताया है और इस बार भी वही प्यार और आशीर्वाद मिलेगा। वहीं मीसा भारती ने तेजस्वी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सीट नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की लड़ाई है।
राघोपुर: आरजेडी का पारंपरिक गढ़
राघोपुर विधानसभा सीट हमेशा से आरजेडी का मजबूत गढ़ रही है।
लालू यादव ने यहां से दो बार चुनाव जीता था, बाद में राबड़ी देवी भी इस सीट से विधायक रहीं। 2015 और 2020 दोनों चुनावों में तेजस्वी यादव ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
अब 2025 के चुनाव में भी वह तीसरी बार लगातार जीत का लक्ष्य लेकर मैदान में हैं।
स्थानीय जनता का कहना है कि तेजस्वी ने राघोपुर के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया है। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की गई हैं। इसी कारण जनता में उनके प्रति सकारात्मक रुख देखा जा रहा है।
चुनावी रणनीति और विपक्ष पर हमला
नामांकन के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, “हमने वादा किया था रोजगार का, हमने उस दिशा में ठोस काम किया है। अब हमें जनता का आशीर्वाद चाहिए ताकि हम विकास का काम आगे बढ़ा सकें।”
तेजस्वी ने नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब बिहार की जनता झूठे वादों से ऊब चुकी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य नफरत नहीं, काम और रोजगार की राजनीति है।”
जनता का उत्साह और समर्थन
राघोपुर में नामांकन के दिन माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया था। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक आरजेडी समर्थकों की भीड़ दिखाई दी। जगह-जगह पार्टी कार्यकर्ताओं ने झंडे-बैनर लगाए। महिलाओं और युवाओं में तेजस्वी यादव को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “तेजस्वी हमारे क्षेत्र के बेटे हैं। उन्होंने जो काम किए हैं, उसकी वजह से हम फिर से उन्हें जिताना चाहते हैं।”
युवाओं का कहना है कि तेजस्वी यादव की राजनीति रोजगार और अवसरों की बात करती है, यही कारण है कि वे युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं।
लालू परिवार का ‘एक मंच पर दिखना’ बना चर्चा का विषय
नामांकन के दौरान पूरे लालू परिवार का एक साथ दिखना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। लंबे समय बाद लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव एक साथ मंच साझा करते दिखे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह परिवारिक एकजुटता आरजेडी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए जरूरी था।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों के मुताबिक, तेजस्वी यादव के सामने इस बार चुनौती भले कठिन हो, लेकिन राघोपुर में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।
पिछले चुनाव में उन्हें 60% से अधिक वोट मिले थे। यदि इस बार भी परिवार एकजुट और प्रचार अभियान संगठित रहा, तो तेजस्वी की राह आसान मानी जा रही है।
तेजस्वी यादव का राघोपुर से नामांकन दाखिल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक भावनात्मक क्षण था। परिवार की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया। अब देखना यह है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनता यादव परिवार पर एक बार फिर भरोसा जताती है या नहीं।

