बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी वादों के साथ जनता को आकर्षित करने में जुट गए हैं। इसी क्रम में राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के हित में कई घोषणाएं करते हुए कहा कि यदि राजद की सरकार बनती है तो पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना किया जाएगा, साथ ही पूर्व प्रतिनिधियों के लिए पेंशन और बीमा योजना भी शुरू की जाएगी। तेजस्वी यादव ने यह घोषणा बिहार के विभिन्न जिलों में हो रही जनसभाओं के दौरान की, जहां उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गांव, गरीब और आम जनता की आवाज बनकर काम करेगी। उनके अनुसार, “आज पंचायत प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें सम्मान और सुविधाओं के मामले में लगातार नजरअंदाज किया गया है।”
पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना करने का वादा
तेजस्वी यादव ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में चुने गए मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधि ग्रामीण विकास के असली नायक हैं। उन्होंने वादा किया कि राजद सरकार बनने के बाद इन प्रतिनिधियों का भत्ता मौजूदा राशि से दोगुना कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल के बाद उन्हें पेंशन की सुविधा दी जाएगी, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सम्मान बना रहे।
तेजस्वी ने कहा,
“जो लोग गांव के विकास के लिए अपना समय और मेहनत देते हैं, उन्हें उचित मानदेय और सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह हमारा वादा है, और राजद सरकार आने के बाद हम इसे प्राथमिकता देंगे।”
PDS डीलरों को मिलेगा सम्मानजनक मानदेय
तेजस्वी यादव ने अपने चुनावी भाषण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पीडीएस डीलर गरीब परिवारों तक अनाज पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उन्हें आज तक उचित मानदेय नहीं मिला।
राजद नेता ने वादा किया कि सरकार बनने पर पीडीएस डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी की जाएगी और उन्हें भी एक निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवनयापन कर सकें।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और डीलरों के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।
पूर्व प्रतिनिधियों के लिए बीमा और पेंशन योजना
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हजारों पंचायत प्रतिनिधि ऐसे हैं, जिन्होंने वर्षों तक गांवों के विकास में अहम योगदान दिया है, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि राजद सरकार बनने पर एक विशेष ‘पंचायत सेवा सम्मान योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत
पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को मासिक पेंशन,
स्वास्थ्य बीमा कवरेज,
और आकस्मिक मृत्यु पर परिवार को सहायता राशि दी जाएगी।
तेजस्वी ने कहा कि यह योजना लोकतंत्र की नींव को मजबूत करेगी और युवाओं को पंचायत राजनीति में आने के लिए प्रेरित करेगी।
महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने महिलाओं और युवाओं को भी बड़ी राहत देने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि राजद सरकार बनने पर महिला पंचायत प्रतिनिधियों को अतिरिक्त सम्मान भत्ता दिया जाएगा ताकि वे अधिक सक्रिय रूप से विकास कार्यों में भाग ले सकें।
युवाओं के लिए उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर युवा रोजगार केंद्र बनाए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।
राजनीतिक संदेश और विपक्ष पर निशाना
तेजस्वी यादव ने इस दौरान भाजपा और जदयू सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की शक्ति को सीमित किया और उन्हें सिर्फ “रबर स्टांप” बनाकर रख दिया।
उन्होंने कहा,
“राजद की सरकार आने पर पंचायतों को वास्तविक अधिकार दिए जाएंगे। गांव के विकास के फैसले अब पटना के ऑफिस से नहीं, बल्कि पंचायत भवन से होंगे।”
तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार ग्राम पंचायत को विकास की इकाई बनाएगी और प्रत्येक पंचायत को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विशेष अनुदान दिया जाएगा।
जनता की प्रतिक्रिया और माहौल
तेजस्वी यादव की इन घोषणाओं का असर ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है। पंचायत प्रतिनिधि और डीलर वर्ग ने इस घोषणा का स्वागत किया है। कई पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी नेता ने उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया है।
गया, सिवान, और मधुबनी जिलों से मिली प्रतिक्रियाओं के अनुसार, पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर यह वादा पूरा होता है तो यह उनके लिए ऐतिहासिक कदम होगा।
तेजस्वी यादव के ये वादे न केवल चुनावी राजनीति की रणनीति हैं बल्कि बिहार की स्थानीय शासन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक पहल के रूप में देखे जा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है और क्या तेजस्वी यादव इन घोषणाओं को वोट में तब्दील कर पाते हैं या नहीं।
तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव में पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना, PDS डीलरों को मानदेय, पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन-बीमा देने का वादा किया।

