बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को सोनबरसा (सीतामढ़ी) में एक बड़ी चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा और महिलाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा, “आप 10 हजार रुपये ले लीजिए, लेकिन वोट अपने विवेक से दीजिए, एनडीए को नहीं।”
प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। चुनावी मौसम में जहां एनडीए विकास और स्थिर सरकार की बात कर रहा है, वहीं कांग्रेस और INDIA गठबंधन जनता के मुद्दों और महंगाई को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरने में जुटा है।
महिलाओं के लिए अलग नारा – “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” का दोहराव
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत महिला शक्ति के मुद्दे से की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच है कि हर महिला आत्मनिर्भर बने। उन्होंने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे को याद करते हुए कहा कि आज बिहार की महिलाएं अपने हक के लिए लड़ रही हैं और कांग्रेस उनका साथ देगी।
उन्होंने आगे कहा, “महिलाएं इस देश की रीढ़ हैं। आप सब अपने बच्चों की परवरिश करती हैं, परिवार संभालती हैं, और अब राजनीति में भी अपनी भूमिका तय कर रही हैं। इसलिए जब वोट देने जाएं, तो सोचिए कि कौन आपके बच्चों के भविष्य के लिए सही निर्णय लेगा।”
एनडीए पर महंगाई और बेरोजगारी को लेकर वार
प्रियंका गांधी ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में सिर्फ अमीरों के लिए नीतियां बनाईं। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या किसानों की आमदनी दोगुनी हुई? क्या युवाओं को रोजगार मिला? क्या गैस सिलिंडर सस्ता हुआ?”
उन्होंने कहा, “जब महिलाएं रसोई में गैस के दाम देखकर परेशान हैं, जब नौजवानों के पास नौकरी नहीं है, तब एनडीए के नेता सिर्फ चुनावी भाषणों में झूठे वादे करते हैं।”

बिहार में बदलाव की बात
प्रियंका गांधी ने जनता से अपील की कि इस बार बिहार को एक नया मौका दिया जाए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस जनता की सरकार बनाना चाहती है। ऐसी सरकार जो गरीब, किसान, महिला और नौजवान के सपनों को समझे।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश में सामाजिक न्याय और समानता की बात की है। “हमारी लड़ाई नफरत की राजनीति के खिलाफ है। हम ऐसा भारत बनाना चाहते हैं जहां हर राज्य की बेटी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।”
भीड़ में महिलाओं की बड़ी भागीदारी
सोनबरसा की इस सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने महिलाओं से सीधे संवाद किया और कहा कि “आज अगर आप जागरूक होंगी तो देश की राजनीति बदल जाएगी।” सभा में ‘प्रियंका जी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे लगातार लगते रहे। कई महिलाओं ने कहा कि प्रियंका गांधी की बात उनके दिल को छू गई क्योंकि उन्होंने घरेलू महंगाई और रोजगार जैसे असली मुद्दों की बात की।
एनडीए की ओर से जवाब
प्रियंका गांधी के बयान पर एनडीए नेताओं ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “कांग्रेस नेता जनता को भ्रमित कर रही हैं। विकास और सुशासन पर कोई बात नहीं कर रहीं, सिर्फ झूठे वादे और चुनावी बयान दे रही हैं।”
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि “प्रियंका गांधी को बिहार की धरती पर महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। एनडीए सरकार ने ही बिहार में महिला आरक्षण से लेकर सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स तक, महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा काम किया है।”
माहौल गरमाया, चुनावी असर की चर्चा
प्रियंका गांधी की इस सभा के बाद बिहार का चुनावी माहौल और गरम हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रियंका गांधी का यह बयान कांग्रेस के लिए चर्चा का विषय जरूर बना सकता है, लेकिन इसका कितना राजनीतिक फायदा मिलेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि प्रियंका गांधी का करिश्मा बिहार में कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकता है। उनका कहना है कि प्रियंका जनता के दिल से जुड़ने वाली नेता हैं और उनके भाषणों में एक भावनात्मक अपील होती है।
प्रियंका गांधी वाड्रा का सोनबरसा का यह बयान बिहार चुनाव की राजनीति में नया मोड़ लाता दिख रहा है। एक ओर जहां उन्होंने महिलाओं के मुद्दे को केंद्र में रखा, वहीं एनडीए पर तीखे हमले भी किए। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बयान कांग्रेस को कितना राजनीतिक लाभ दिला पाता है।

