By: Vikash Kumar (Vicky)
पटना। बिहार में रोजगार के मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के गृह विभाग ने 2026-27 तक 13,500 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पहले तय 15,000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 11,438 अभ्यर्थियों का नामांकन हो चुका है। शेष पदों को भरने के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया जारी रहेगी।

राज्य सरकार के इस फैसले से खासकर ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों के युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा। होमगार्ड की यह बहाली न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा बल
बिहार में पुलिस बल की बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए होमगार्ड की भूमिका और भी अहम हो गई है। त्योहारों, चुनाव, प्राकृतिक आपदा और कानून-व्यवस्था की स्थिति में होमगार्ड जवान पुलिस प्रशासन की मदद करते हैं।
सरकार का मानना है कि नई भर्ती से जिलों में तैनाती की कमी दूर होगी और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।

भर्ती प्रक्रिया 2026-27 तक जारी
गृह विभाग के अनुसार, 15,000 होमगार्ड भर्ती के लक्ष्य के तहत अब तक 11,438 अभ्यर्थियों का नामांकन पूरा किया जा चुका है। शेष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चरणों में पूरी की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

दैनिक भत्ता बढ़ाने का फैसला
राज्य सरकार ने होमगार्ड जवानों के दैनिक भत्ते में भी बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। भत्ता बढ़ने से जवानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनकी सेवाओं के प्रति प्रोत्साहन भी बढ़ेगा।
बिहार में 13,500 होमगार्ड पदों पर भर्ती का फैसला राज्य के युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। यह पहल रोजगार सृजन और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए अहम साबित होगी।

