
मुजफ्फरपुर: बिहार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाला क्षण उस समय आया जब देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन रविवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां चामुंडा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने देवी चामुंडा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
उपराष्ट्रपति का बिहार दौरा
बिहार हमेशा से राजनीति, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों का केंद्र रहा है। इसी कड़ी में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का यह दौरा विशेष महत्व रखता है। वे बिहार के दौरे पर कई कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन उनका मां चामुंडा मंदिर जाना स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए सबसे खास रहा।
मां चामुंडा मंदिर का महत्व
कटरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला यह मंदिर बिहार ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समय तो यहां भक्तों का मेला लगता है। धार्मिक मान्यता है कि मां चामुंडा के आशीर्वाद से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी। जिला प्रशासन, पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात रहे। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्था संभाली ताकि आम भक्तों को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूजा-अर्चना का आयोजन
मां चामुंडा मंदिर में पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का स्थानीय पुजारियों ने परंपरागत विधि से स्वागत किया। उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा की और घंटों तक देवी की आराधना की। इस दौरान मंदिर प्रांगण में मौजूद लोगों ने ‘जय माता दी’ के नारे लगाए।
स्थानीय जनता में उत्साह
उपराष्ट्रपति को अपने बीच देखकर स्थानीय लोगों और भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने उन्हें करीब से देखने और स्वागत करने का अवसर पाया।
बिहार की धार्मिक धरोहर को मिला सम्मान
उपराष्ट्रपति के इस दौरे को बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के दौरे से राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होती है।

बिहार और आध्यात्मिक पर्यटन
बिहार प्राचीन काल से ही धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र रहा है। बोधगया, राजगीर, पावापुरी, वैशाली, पटना साहिब और अब मां चामुंडा धाम जैसे धार्मिक स्थल न केवल भारतीय श्रद्धालुओं बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। उपराष्ट्रपति का यहां पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि बिहार धार्मिक पर्यटन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से अहम
हालांकि यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक नजरिए से अहम था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा रही। बिहार में अगले कुछ महीनों में राजनीतिक हलचलें तेज होने वाली हैं, ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं और पदाधिकारियों का बिहार दौरा विशेष मायने रखता है।
चामुंडा धाम के प्रति आस्था
स्थानीय निवासियों का मानना है कि मां चामुंडा धाम में पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में खुशहाली आती है। उपराष्ट्रपति के दर्शन करने से यह संदेश गया कि यह धाम केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व रखता है।
मीडिया कवरेज और संदेश
मीडिया में उपराष्ट्रपति के दौरे की खबर प्रमुखता से छाई रही। उनके द्वारा बिहार की धरती पर आकर मां चामुंडा माता की आराधना करने को पूरे राज्य ने गर्व का विषय बताया।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का मुजफ्फरपुर आना और मां चामुंडा मंदिर में पूजा करना न केवल धार्मिक महत्व का प्रतीक है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का अवसर भी है।

