बिहार के रोहतास जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। सासाराम की जिला न्यायाधीश-II की अदालत ने सात साल पुराने किसान हत्याकांड में शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक किसान की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में छह दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है।

यह मामला 5 दिसंबर 2018 का है, जब रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र अंतर्गत किरहिंदी गांव में किसान आदेश कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध ने उस समय पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
जिला न्यायाधीश-II की अदालत ने सुनाया फैसला
जिला न्यायाधीश-II विजयेंद्र कुमार राय की अदालत ने मामले में सभी साक्ष्यों और गवाहों की गहन समीक्षा के बाद छह आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष अपराध को साबित करने में सफल रहा है और यह हत्या सुनियोजित एवं अत्यंत क्रूर तरीके से की गई थी। इसी आधार पर अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
हत्या के आरोपी कौन हैं?
इस मामले में जिन छह लोगों को दोषी ठहराया गया है, वे सभी किरहिंदी गांव के ही निवासी हैं। दोषियों में
सत्यनारायण पासवान उर्फ लल्लू पासवान, बब्लू पासवान, सिंगल पासवान, सुरेंद्र पासवान, सोनू पासवान और अमावस पासवान शामिल हैं। सभी को हत्या और गैरकानूनी जमावड़े के आरोप में दोषी पाया गया है।
बेटी के सामने की गई थी किसान की हत्या
सरकारी वकील उपेंद्र कुमार ने अदालत को बताया कि 5 दिसंबर 2018 को दोपहर करीब 1 बजे किसान आदेश कुमार अपनी बेटी पूजा कुमारी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सासाराम जा रहे थे। जैसे ही वे किरहिंदी गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने उनकी बेटी का अपहरण करने की कोशिश की और विरोध करने पर आदेश कुमार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में आदेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरी घटना उनकी बेटी के सामने हुई, जिससे मामला और भी संवेदनशील बन गया।
बेटी की शिकायत से दर्ज हुआ था केस
इस हत्याकांड को लेकर मृतक की बेटी पूजा कुमारी की लिखित शिकायत पर वर्ष 2018 में शिवसागर थाना कांड संख्या 411/2018 दर्ज किया गया था। इसके बाद मामला सत्र न्यायालय में पहुंचा और सत्र वाद संख्या 310/2021 के तहत इसकी सुनवाई हुई।
सात गवाहों के बयान से साबित हुआ अपराध
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी छह आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 149 (गैरकानूनी सभा) के तहत दोषी ठहराया। इसके बाद शुक्रवार को सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
यह समाचार अदालती कार्यवाही और सरकारी पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर आधारित है। फैसले से संबंधित किसी भी कानूनी व्याख्या या निष्कर्ष के लिए आधिकारिक न्यायिक दस्तावेजों को ही अंतिम माना जाए।

