
कोलकाता।पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय नेता का विवादित बयान सामने आया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। भाजपा नेता संजय दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में संजय दास मुख्यमंत्री को ‘चुड़ैल’ बताते हुए उनका “सिर कलम कर देना चाहिए” जैसी आपत्तिजनक बात कहते दिखाई दे रहे हैं।

इस बयान के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और संबंधित थाने में भाजपा नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। टीएमसी ने इस बयान को लोकतंत्र, महिला सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
क्या है वायरल वीडियो में दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भाजपा नेता संजय दास कथित तौर पर एक सार्वजनिक मंच से भाषण देते नजर आते हैं। वीडियो में वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें ‘चुड़ैल’ कहते हैं और हिंसा भड़काने वाले बयान देते हैं। वीडियो के सामने आने के बाद यह तेजी से फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म पर फैल गया।
हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन टीएमसी का कहना है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भाजपा का सक्रिय नेता है और उसका बयान बेहद गंभीर और आपराधिक प्रकृति का है।

TMC का तीखा हमला
तृणमूल कांग्रेस ने इस बयान को लेकर भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अपमानजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया हो। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति नफरत, महिलाओं के अपमान और हिंसा को बढ़ावा देने पर आधारित है।

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा,
“मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न सिर्फ पश्चिम बंगाल की निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं, बल्कि एक महिला भी हैं। उनके खिलाफ इस तरह की भाषा निंदनीय ही नहीं, बल्कि आपराधिक भी है। भाजपा को साफ करना चाहिए कि क्या वह इस तरह की सोच का समर्थन करती है।”
पुलिस में शिकायत दर्ज
टीएमसी की ओर से इस मामले में स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में भाजपा नेता संजय दास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि वीडियो असली पाया जाता है और बयान भड़काऊ तथा आपराधिक प्रकृति का है, तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा की ओर से सफाई सामने आई है। पार्टी के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि यह बयान व्यक्तिगत है और पार्टी की आधिकारिक राय को नहीं दर्शाता। हालांकि, अब तक भाजपा की ओर से कोई औपचारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है।
भाजपा के एक स्थानीय पदाधिकारी ने कहा,
“पार्टी हिंसा या अपमानजनक भाषा का समर्थन नहीं करती। अगर किसी नेता ने मर्यादा लांघी है, तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
चुनाव से पहले सियासी तापमान हाई
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है। ऐसे में नेताओं की जुबान से निकले विवादित बयान चुनावी माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा को नुकसान पहुंचता है।
महिला नेताओं के खिलाफ भाषा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राजनीति में महिला नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने भी इस बयान की निंदा की है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा में असहमति और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा और अपमान की भाषा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि भाजपा इस मामले में अपने नेता के खिलाफ क्या कदम उठाती है और कानून अपना क्या रुख अपनाता है।




