By: Vikash Mala Mandal
झारखंड के बोकारो जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया के खतरनाक ट्रेंड—रील और सेल्फी—पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे क्षेत्र में रील और सेल्फी बनाने पहुंचे स्कूली छात्रों के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। इस घटना में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?
यह घटना बोकारो रेलवे गुड्स शेड के हम्प यार्ड की है। जानकारी के अनुसार, पेंटा कोस्टल स्कूल के सात छात्र एक साथ वहां पहुंचे थे। उनका उद्देश्य था सोशल मीडिया के लिए रील और आकर्षक सेल्फी बनाना। लेकिन यह शौक अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया। बताया जा रहा है कि छात्र अभिमन्यु चटर्जी बेहतर एंगल से सेल्फी लेने के लिए रेलवे यार्ड में खड़ी एक संरचना पर चढ़ गया। उसी दौरान वह पास से गुजर रहे 25 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि अभिमन्यु गंभीर रूप से झुलस गया और वहीं गिर पड़ा।

दोस्ती निभाने में गई जान
अपने दोस्त को करंट की चपेट में आते देख उसका साथी कौशिक शर्मा उसे बचाने के लिए दौड़ा। लेकिन जैसे ही उसने अभिमन्यु को पकड़ने की कोशिश की, वह भी हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना भयानक था कि कौशिक शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद अन्य छात्र घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी को समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। घटना की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी गई।

RPF और अस्पताल की भूमिका
सूचना मिलते ही RPF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों छात्रों को तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद कौशिक शर्मा को मृत घोषित कर दिया, जबकि अभिमन्यु चटर्जी का इलाज जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इलाके में शोक और आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतक कौशिक शर्मा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय लोगों में रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा की कमी को लेकर आक्रोश भी देखा जा रहा है।
लोगों का कहना है कि रेलवे यार्ड जैसे खतरनाक इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण ऐसे हादसे होते हैं। हालांकि, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया ट्रेंड पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने की चाहत युवाओं को अपनी जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर कर रही है। रील और सेल्फी के चक्कर में युवा अक्सर खतरनाक जगहों पर जाकर वीडियो बनाते हैं, जिसका अंजाम कई बार जानलेवा साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अभिभावकों, स्कूलों और प्रशासन को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
देश के विभिन्न हिस्सों में पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां सेल्फी लेने या वीडियो बनाने के दौरान युवाओं की जान चली गई। कभी ट्रेन की चपेट में आकर, तो कभी ऊंचाई से गिरकर या बिजली के तारों की चपेट में आकर हादसे होते रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे यार्ड, पुल, ऊंची इमारतें और बिजली के तारों के पास सेल्फी लेना बेहद खतरनाक है। हाई टेंशन तारों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इनमें प्रवाहित बिजली इंसान को तुरंत अपनी चपेट में ले सकती है।

जागरूकता ही है बचाव का उपाय
इस घटना से सबक लेते हुए यह जरूरी है कि युवा वर्ग सोशल मीडिया के चक्कर में अपनी सुरक्षा से समझौता न करें। जीवन सबसे कीमती है और कुछ सेकंड के वीडियो के लिए इसे जोखिम में डालना किसी भी हाल में सही नहीं है।
बोकारो का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—सोशल मीडिया के दिखावे से ज्यादा जरूरी अपनी और दूसरों की जान की सुरक्षा है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।

