By: Vikash Kumar (Vicky)
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद देशभर के किसानों की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि सरकार इस बार खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर क्या बड़े फैसले लेती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को आम बजट पेश करते हुए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में नई तकनीक लाने और छोटे व सीमांत किसानों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। हालांकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाने या पीएम फसल बीमा योजना में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई, लेकिन इसके बावजूद किसानों के लिए कई नई योजनाओं और प्रोत्साहन कार्यक्रमों का ऐलान किया गया है, जो आने वाले समय में कृषि क्षेत्र की दिशा बदल सकते हैं।

छोटे और सीमांत किसानों पर खास फोकस
सरकार ने विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। बजट भाषण में छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादकता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की बात कही गई। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार पहुंच और विविध आय स्रोतों के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

मत्स्यपालन किसानों के लिए बड़ी पहल
मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। देशभर के करीब 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास कर उन्हें मत्स्य उत्पादन के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। साथ ही मत्स्यपालन से जुड़े स्टार्टअप, महिला समूहों और छोटे उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की योजना तैयार की गई है ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

पशुपालक किसानों को लोन और सब्सिडी का फायदा
पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पशुपालन के लिए लोन लेने वाले किसानों को ब्याज सब्सिडी के साथ अतिरिक्त अनुदान मिल सकता है। डेयरी, मुर्गीपालन और पशुधन से जुड़े उत्पादों के लिए इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाने की भी योजना है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिल सके। पशुधन उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
ऊंची कीमत वाली फसलों पर विशेष प्रोत्साहन
बजट 2026 में सरकार ने किसानों को ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने का फैसला किया है। तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी हाई वैल्यू फसलों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट और खुमानी उगाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। कोकोनट प्रमोशन स्कीम के जरिए नारियल उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जिससे लगभग एक करोड़ किसानों और करीब तीन करोड़ लोगों को फायदा होने का अनुमान है।

खेती में AI और तकनीक को बढ़ावा देने की योजना
सरकार ने खेती में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत विस्तार योजना लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके तहत सभी राज्यों के Agristack पोर्टल को ICAR के पैकेज से जोड़ा जाएगा ताकि किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और बेहतर उत्पादन तकनीक का लाभ मिल सके। इससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति मिलने की उम्मीद है।
इन योजनाओं पर नहीं हुई कोई बड़ी घोषणा
हालांकि बजट से किसानों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन कुछ प्रमुख योजनाओं को लेकर इस बार कोई नई घोषणा नहीं की गई। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, पीएम फसल बीमा योजना, पीएम मानधन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम धन धान्य कृषि योजना शामिल हैं। इन योजनाओं में बदलाव या विस्तार की उम्मीद कर रहे किसानों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है।

बजट 2026 का किसानों पर संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और आय के नए स्रोत तैयार करने पर जोर दिया गया है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्यपालन, पशुपालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है।
यह लेख बजट भाषण और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। योजनाओं के नियम और लाभ समय-समय पर बदल सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक सूचना जरूर देखें।
