By: Vikash Kumar(Vicky)
वास्तु शास्त्र में समय को सबसे शक्तिशाली तत्व माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है, समय भी उसी का साथ देता है। घर या ऑफिस में लगाया गया कैलेंडर केवल तारीख देखने का साधन नहीं होता, बल्कि यह आपकी सोच, ऊर्जा और भविष्य की दिशा को भी प्रभावित करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि कैलेंडर गलत दिशा में या गलत तरीके से लगाया जाए, तो यह अनजाने में ही जीवन में रुकावटें, तनाव और असफलता को बढ़ा सकता है। वहीं सही दिशा और नियमों के अनुसार लगाया गया कैलेंडर सौभाग्य, तरक्की और मानसिक शांति का कारण बन सकता है।

वास्तु में कैलेंडर का महत्व
वास्तु शास्त्र मानता है कि कैलेंडर समय के प्रवाह का प्रतीक है। समय का प्रवाह यदि सकारात्मक दिशा में हो, तो जीवन में भी प्रगति होती है। घर में लगाया गया कैलेंडर यह दर्शाता है कि आप समय के साथ चल रहे हैं या नहीं। इसलिए कैलेंडर को हमेशा साफ, अपडेटेड और सही स्थान पर लगाना बेहद जरूरी माना गया है।
कैलेंडर लगाने की सबसे शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार कैलेंडर लगाने के लिए उत्तर दिशा को सबसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा गया है, जो धन और उन्नति का प्रतीक है। इस दिशा में कैलेंडर लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और करियर में नए अवसर मिलने लगते हैं। इसके अलावा पूर्व दिशा भी कैलेंडर लगाने के लिए अच्छी मानी जाती है, क्योंकि यह सूर्य की दिशा है और नई शुरुआत व सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।
दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने से क्यों बचें
वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा यम और स्थिरता से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा में कैलेंडर लगाने से जीवन में रुकावटें, कामों में देरी और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। माना जाता है कि दक्षिण दिशा में समय ठहर जाता है, जिससे प्रगति की गति धीमी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि कैलेंडर कभी भी दक्षिण दीवार पर न लगाएं।
पुराने और रुके हुए कैलेंडर का नकारात्मक प्रभाव
अगर घर में पुराने साल का कैलेंडर टंगा हुआ है या महीनों से तारीख बदली नहीं गई है, तो यह वास्तु दोष माना जाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि आप अतीत में अटके हुए हैं और आगे बढ़ने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। वास्तु के अनुसार नया साल शुरू होते ही पुराने कैलेंडर को हटा देना चाहिए और रोजाना तारीख बदलना शुभ माना जाता है।

कैलेंडर की तस्वीर और डिजाइन भी है अहम
वास्तु शास्त्र के अनुसार कैलेंडर में लगी तस्वीरें भी आपकी ऊर्जा को प्रभावित करती हैं। कैलेंडर में हमेशा सकारात्मक और सुंदर चित्र होने चाहिए, जैसे उगता सूर्य, हरी-भरी प्रकृति, जलप्रपात या मंदिर। हिंसक दृश्य, सूखे पेड़, उदास चेहरे या डूबता हुआ सूर्य दिखाने वाले कैलेंडर घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं।
बेडरूम और किचन में कैलेंडर लगाने के नियम
बेडरूम में कैलेंडर लगाने से बचना चाहिए, खासकर बेड के ठीक सामने या सिरहाने की दीवार पर। इससे मानसिक अशांति और नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। किचन में कैलेंडर लगाना भी वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता, क्योंकि इससे घर में तनाव और खर्च बढ़ने की संभावना रहती है। सबसे अच्छा स्थान ड्रॉइंग रूम, स्टडी रूम या ऑफिस की दीवार मानी जाती है।
ऑफिस में कैलेंडर लगाने से कैसे बढ़ती है सफलता
ऑफिस या कार्यस्थल पर कैलेंडर को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से काम में फोकस बढ़ता है और समय का सही प्रबंधन होता है। इससे निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और करियर में तरक्की के योग बनते हैं। व्यापारियों के लिए यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
कैलेंडर से जुड़ा एक आसान वास्तु उपाय
हर महीने की शुरुआत में कैलेंडर की तारीख बदलते समय मन ही मन सकारात्मक संकल्प लें। ऐसा करने से मानसिक रूप से आप नए अवसरों के लिए तैयार होते हैं और समय का सही उपयोग करने की प्रेरणा मिलती है।
यह लेख वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार का बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित होगा। व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों के अनुसार परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

