By: Vikash Kumar (Vicky)
भारतीय रेलवे से रोज़ाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। कन्फर्म टिकट न मिलने की स्थिति में यात्रियों को अक्सर RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट मिलता है। लेकिन यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि अगर चार्ट बनने के बाद RAC टिकट कैंसिल कर दिया जाए तो क्या रिफंड मिलेगा या नहीं? रेलवे के नियम इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई यात्री नुकसान उठा लेते हैं। आइए जानते हैं चार्ट बनने के बाद RAC टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े रेलवे के नियम, ताकि अगली बार टिकट कैंसिल करते समय आपको किसी तरह की परेशानी न हो।

RAC टिकट क्या होता है?
RAC का मतलब होता है Reservation Against Cancellation। यानी जब ट्रेन में कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं होती, लेकिन सीट मिलने की संभावना रहती है, तब यात्रियों को RAC टिकट जारी किया जाता है।
RAC टिकट पर यात्री को यात्रा की अनुमति होती है
आमतौर पर एक सीट दो यात्रियों को साझा करनी पड़ती है
चार्ट बनने तक RAC टिकट कन्फर्म भी हो सकता है
चार्ट बनने का क्या मतलब है?
रेलवे आमतौर पर ट्रेन के प्रस्थान से 3 से 4 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार करता है।
चार्ट बनने के बाद टिकट की स्थिति फाइनल मानी जाती है
इसके बाद ऑनलाइन टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल जाते हैं
चार्ट बनने के बाद RAC टिकट कैंसिल करने पर क्या मिलेगा रिफंड?
रेलवे नियमों के मुताबिक—
अगर आपके पास RAC टिकट है और आपने चार्ट बनने के बाद उसे कैंसिल किया है, तो आपको रिफंड मिलेगा।
हालांकि, यह रिफंड पूरा नहीं होता। रेलवे कुछ शुल्क काटकर बाकी रकम वापस करता है।
RAC टिकट कैंसिलेशन पर कितना कटेगा चार्ज?
रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार—
प्रति यात्री ₹60 + GST की कटौती की जाती है
शेष राशि आपके बैंक अकाउंट या UPI में रिफंड कर दी जाती है
उदाहरण के तौर पर,
अगर आपने ₹500 का RAC टिकट लिया है, तो कैंसिलेशन पर करीब ₹430–440 तक का रिफंड मिल सकता है।
कन्फर्म टिकट और RAC टिकट के रिफंड में क्या अंतर है?
टिकट स्टेटस
चार्ट के बाद कैंसिलेशन
रिफंड
कन्फर्म टिकट
अनुमति नहीं
नहीं
RAC टिकट
अनुमति है
हां
वेटिंग टिकट
अपने आप कैंसिल
पूरा रिफंड
कन्फर्म टिकट चार्ट बनने के बाद कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलता, जबकि RAC टिकट पर यह सुविधा उपलब्ध है।

ऑनलाइन और काउंटर टिकट में फर्क
ई-टिकट (IRCTC):
चार्ट बनने के बाद ऑनलाइन कैंसिलेशन संभव नहीं
TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना पड़ता है
काउंटर टिकट:
चार्ट बनने के बाद भी रेलवे काउंटर से कैंसिल किया जा सकता है
TDR क्या है और कब जरूरी होता है?
TDR यानी Ticket Deposit Receipt
चार्ट बनने के बाद ई-टिकट कैंसिल करने के लिए TDR फाइल करना जरूरी
TDR अप्रूव होने पर ही रिफंड मिलता है
RAC टिकट पर TDR फाइल करने पर रिफंड मिलने की संभावना ज्यादा होती है
अगर RAC टिकट पर यात्रा न करें तो क्या होगा?
अगर आपने RAC टिकट लिया है लेकिन यात्रा नहीं करते—
टिकट अपने आप कैंसिल नहीं होता
आपको रिफंड पाने के लिए खुद कैंसिल या TDR फाइल करना होगा
रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रा से पहले टिकट स्टेटस जरूर चेक करें
चार्ट बनने का समय ध्यान रखें
RAC टिकट है तो कैंसिलेशन से डरने की जरूरत नहीं
IRCTC ऐप या वेबसाइट से समय पर TDR फाइल करें
अगर आपके पास RAC टिकट है और चार्ट बनने के बाद यात्रा नहीं करनी है, तो घबराने की जरूरत नहीं। रेलवे नियमों के अनुसार आपको रिफंड मिलेगा, बस कुछ कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा।
हालांकि, कन्फर्म टिकट वालों को चार्ट के बाद रिफंड नहीं मिलता, इसलिए टिकट स्टेटस पर खास ध्यान देना बेहद जरूरी है।
रेलवे के नियमों की सही जानकारी आपको अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

