By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। सिगरेट पीने वालों के लिए बुरी खबर है। केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद आज रविवार से सिगरेट की कीमतों में बड़ा इजाफा हो गया है। नई एक्साइज ड्यूटी लागू होते ही बाजार में 10 स्टिक वाले सिगरेट पैकेट की कीमत में 22 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि प्रीमियम सिगरेट ब्रांड्स अब 50 से 55 रुपये तक महंगे हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के फैसले के बाद सिगरेट कंपनियों ने एहतियातन अपना स्टॉक बाजार में जारी करना फिलहाल रोक दिया है। इसका सीधा असर खुदरा बाजार पर देखने को मिल रहा है, जहां कई दुकानों पर सिगरेट की उपलब्धता कम हो गई है और कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
क्यों बढ़ी सिगरेट की कीमत?
सरकार ने तंबाकू उत्पादों की खपत को हतोत्साहित करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी में इजाफा किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से तंबाकू उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाने की मांग कर रहे थे, ताकि धूम्रपान की आदत पर लगाम लगाई जा सके। इसी दिशा में यह कदम उठाया गया माना जा रहा है। अतिरिक्त ड्यूटी का असर सीधे मैन्युफैक्चरिंग लागत पर पड़ा है, जिसे कंपनियां अब उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। नतीजतन, सिगरेट की कीमतों में यह बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

कितनी महंगी हुई सिगरेट?
बाजार से मिली जानकारी के अनुसार—
10 स्टिक वाले सामान्य सिगरेट पैकेट की कीमत अब 22 से 25 रुपये तक बढ़ गई है।
मीडियम रेंज सिगरेट ब्रांड्स 30 से 40 रुपये तक महंगे हो सकते हैं।
प्रीमियम सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में 50 से 55 रुपये तक का उछाल आने की संभावना है।
हालांकि, अलग-अलग राज्यों में टैक्स स्ट्रक्चर और लोकल चार्जेज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

मैन्युफैक्चरर्स ने क्यों रोका स्टॉक?
सूत्रों के मुताबिक, एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद कई सिगरेट निर्माता कंपनियों ने अपने पुराने स्टॉक को बाजार में उतारने से फिलहाल रोक लिया है। कंपनियां नई कीमतों के साथ पैकेजिंग और एमआरपी अपडेट कर रही हैं। जब तक नई कीमतों के साथ स्टॉक बाजार में नहीं आता, तब तक सिगरेट की किल्लत बनी रह सकती है।
खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि स्टॉक कम होने के कारण ग्राहक ज्यादा कीमत देने को मजबूर हैं या फिर बिना सिगरेट खरीदे लौट रहे हैं।

आम उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
सिगरेट की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर नियमित धूम्रपान करने वालों पर पड़ेगा। रोजाना सिगरेट पीने वाले उपभोक्ताओं का मासिक बजट काफी बढ़ सकता है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अब सिगरेट पीना पहले के मुकाबले काफी महंगा सौदा हो जाएगा।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें बढ़ने से लोग सिगरेट छोड़ने या कम करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।

सरकार को कितना होगा फायदा?
एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से सरकार के राजस्व में इजाफा होने की उम्मीद है। तंबाकू उत्पादों से पहले ही सरकार को बड़ा टैक्स रेवेन्यू मिलता है और अब कीमतें बढ़ने के बाद यह और बढ़ सकता है। हालांकि, अगर खपत में गिरावट आती है तो इसका असर राजस्व पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या?
आने वाले दिनों में जैसे ही नया स्टॉक बाजार में आएगा, सिगरेट की नई कीमतें पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी। फिलहाल उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना होगा। माना जा रहा है कि यह बढ़ोतरी स्थायी हो सकती है और भविष्य में सिगरेट की कीमतों में और इजाफा भी संभव है।
कुल मिलाकर, एक्साइज ड्यूटी बढ़ने का फैसला सिगरेट पीने वालों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। अब देखना होगा कि यह कदम लोगों की आदतों में कितना बदलाव ला पाता है।

