By: Vikash Kumar (Vicky)
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 27 जनवरी 2026 से बिहार की समृद्धि यात्रा (Samriddhi Yatra) के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं, जो मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर जिलों को कवर करेगा। यह यात्रा मुख्यमंत्री की विकास-समय समीक्षा, योजनाओं के क्रियान्वयन के आकलन और जनता से सीधे संवाद को लेकर है।

राज्य सरकार ने पहले चरण में सफलता के सकारात्मक संकेत प्राप्त किए हैं, जिसमें 16 जनवरी से 24 जनवरी तक पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब यह यात्रा मिथिलांचल क्षेत्र की ओर बढ़ी है।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
27 जनवरी: मधुबनी — नीति समीक्षा एवं जन संवाद
28 जनवरी: दरभंगा — सरकारी योजनाओं की भूमि-स्तर समीक्षा
29 जनवरी: समस्तीपुर – जनता से बातचीत तथा परियोजनाओं का उद्घाटन
राज्य प्रशासन के आदेशानुसार संबंधित जिलाधिकारियों को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

समृद्धि यात्रा का उद्देश्य
मुख्य रूप से यह यात्रा सरकारी योजनाओं — जैसे सात निश्चय-2, सात निश्चय-3, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, रोजगार तथा आधारभूत संरचना कार्यों — के जमीनी क्रियान्वयन का वास्तविक निरीक्षण करने के लिए है। मुख्यमंत्री अधिकारियों को व्यक्ति-स्तर पर योजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ लागू करने के निर्देश देंगे।

यात्रा का दूसरा महत्वपूर्ण उद्देश्य जनता के मुद्दों को सीधे सुनना और समस्या-समाधान के त्वरित कदम उठाना है। अधिकारियों, विभागों और स्थानीय जनता के बीच श्रेष्ठ संवाद स्थापित करने के लिए भी हाई-लेवल समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
पहले चरण की उपलब्धियां
पहले चरण में मुख्यमंत्री ने कई जिलों में लोक-कल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण, भूमि-स्तर समीक्षा और परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान सभी जिलों में प्रशासनों को निर्देशित किया गया कि वे सम्बंधित योजनाओं की प्रगति और प्रभावशीलता सुनिश्चित करें, साथ ही क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दें। विशेष रूप से बरौली (गोपालगंज) में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने मेडिकल कॉलेज की मांग को भी स्वीकार किया और परियोजनाओं पर प्रतिबद्धता जताई।

जनता के साथ संवाद व योजना-समय समीक्षा
समृद्धि यात्रा के दौरान जनता से सीधे संवाद, बैठकें और समीक्षा सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये बैठकें स्थानीय अधिकारियों, विभागीय सचिवों और पुलिस कप्तानों के साथ होंगी, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर चर्चा हो सके और कार्यों में किसी भी तरह की कमी की तुरंत पहचान हो। इस यात्रा का व्यापक जनसंपर्क पहलू यह है कि आम जनता को अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिलेगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लक्षित समूह तक पहुँच रहा है या नहीं — इसकी वास्तविक जाँच हो सके।

समीक्षा एवं अपेक्षित विकास
समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण में आने वाले दिनों में अपेक्षित है कि मुख्यमंत्री:
योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण करेंगे।
स्थानीय परियोजनाओं का शुभारंभ या शिलान्यास करेंगे।
जनता के साथ संवाद कर उनकी प्राथमिकताओं को समझेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों से योजना निष्पादन पर प्रत्यक्ष रिपोर्ट लेंगे।
इन कदमों का लक्ष्य बिहार के स्थानीय विकास निर्देशों को मजबूत करना और जनता-केंद्रित शासन को आगे बढ़ाना है।

प्रशासनिक दिशा-निर्देश
बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेश के अनुसार, सभी जिला प्रशासन को यात्रा से संबंधित तैयारियों को समय पर पूरा करना आवश्यक है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के समय संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

स्थानीय राजनीति और समृद्धि यात्रा
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह समृद्धि यात्रा राजनीतिक और विकास-आधारित दोनों उद्देश्यों का संयोजन है, जिसमें जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ-साथ राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी प्रमोट किया जा रहा है। मुख्य रूप से, यह यात्रा 2026 में बिहार के समग्र विकास के एजेंडे की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिसमें पंचायत-स्तर से लेकर जिलास्तर तक योजनाओं के क्रियान्वयन और समीक्षा पर केंद्रीय ध्यान दिया जा रहा है।

