लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि त्योहारों की शांति और सौहार्द में खलल डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर जिले में सतर्कता बरती जाए और किसी भी उपद्रव की स्थिति में तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा, “त्योहार के उल्लास में खलल डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना देर किए जेल की सलाखों के पीछे डाला जाएगा।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाती है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व त्योहारों के मौके पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जाए, CCTV निगरानी बढ़ाई जाए, और किसी भी अफवाह को तुरंत खारिज किया जाए।
पुलिस-प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
सीएम योगी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों, डीएम और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें करें और स्थानीय लोगों से संवाद बनाकर रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं भी अवैध आतिशबाजी या सड़क पर जाम की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा, “हर त्योहार पर प्रदेश की छवि को खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी। किसी भी उपद्रवी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।”
सोशल मीडिया पर नजर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर नजर रखने को कहा है। उन्होंने बताया कि कुछ तत्व सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में साइबर सेल को अलर्ट मोड में रखा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “किसी को भी धार्मिक भावनाएं भड़काने का अधिकार नहीं है। जो भी व्यक्ति ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।”
पुलिस की तैयारियां तेज
दिवाली और उसके बाद आने वाले गोवर्धन पूजा, भाई दूज जैसे त्योहारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है।
राजधानी लखनऊ से लेकर वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज और गाजियाबाद तक पुलिस बल को अतिरिक्त सुरक्षा निर्देश दिए गए हैं।
हर जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), पीएसी (PAC) और स्थानीय पुलिस को संयुक्त रूप से गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी स्तर के अधिकारियों को निर्देश है कि वे खुद रात्रि गश्त में शामिल हों और जनता से सीधे संवाद करें। इसके अलावा, प्रमुख बाजारों, पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे।
त्योहार में सौहार्द बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि वे त्योहार को खुशी और शांति से मनाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है, और जब जनता व प्रशासन एकजुट होते हैं, तब कोई भी असामाजिक तत्व अपनी मंशा में सफल नहीं हो सकता।”
प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें
सीएम योगी ने लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी रेंज के आईजी व जोनल एडीजी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बिजली, जलापूर्ति, सफाई, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।
उन्होंने कहा, “दिवाली खुशियों का त्योहार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक बिना डर और व्यवधान के अपना त्योहार मना सके। प्रशासन को इसकी पूरी व्यवस्था करनी होगी।”
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
योगी आदित्यनाथ सरकार शुरुआत से ही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रही है।
उनकी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक हजारों अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
त्योहारों के दौरान धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी सरकार विशेष अभियान चलाती रही है।
इस बार भी दिवाली को लेकर राज्यभर में “ऑपरेशन शांति” नामक विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है, जिसके तहत शरारती तत्वों, अवैध पटाखा विक्रेताओं, और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
नतीजा: सुरक्षित और शांतिपूर्ण दिवाली की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण दिवाली मना सके।
सीएम योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेताया कि अगर किसी जिले में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई तय है।
दिवाली से पहले योगी सरकार की यह चेतावनी साफ संकेत देती है कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह के उपद्रव या अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ है—
“त्योहार खुशियों का है, लेकिन कानून सबके लिए एक समान रहेगा। जो शांति भंग करेगा, वह जेल जाएगा।”

