By: Vikash Kumar (Vicky)
आज के समय में क्रेडिट कार्ड लोगों की जरूरत बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग, बिल पेमेंट और इमरजेंसी खर्च के लिए लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपने देखा होगा कि हर व्यक्ति की क्रेडिट कार्ड लिमिट अलग होती है। किसी को 20 हजार की लिमिट मिलती है तो किसी को 2 लाख या उससे भी ज्यादा। कई लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ सैलरी पर निर्भर करता है, लेकिन ऐसा नहीं है। बैंक आपकी कमाई के साथ-साथ आपकी वित्तीय साख, खर्च करने की आदत और पुराने लोन का पूरा रिकॉर्ड देखकर तय करते हैं कि आपको कितनी क्रेडिट लिमिट दी जाए।

क्रेडिट लिमिट क्या होती है और क्यों होती है अलग
क्रेडिट कार्ड लिमिट का मतलब होता है कि बैंक आपको एक निश्चित सीमा तक खर्च करने की अनुमति देता है। आप उस सीमा तक खरीदारी कर सकते हैं और बाद में बिल भर सकते हैं। हर व्यक्ति की लिमिट अलग इसलिए होती है क्योंकि हर व्यक्ति की आय, खर्च, लोन और क्रेडिट हिस्ट्री अलग होती है। बैंक जोखिम कम रखने के लिए हर ग्राहक का अलग-अलग मूल्यांकन करते हैं।

क्रेडिट स्कोर सबसे बड़ा कारण होता है
बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं। क्रेडिट स्कोर यह बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया है या नहीं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक को भरोसा होता है कि आप पैसा समय पर वापस कर देंगे, इसलिए लिमिट ज्यादा दी जाती है। अगर स्कोर कम है तो लिमिट कम रखी जाती है।

सैलरी और इनकम का भी होता है बड़ा रोल
आपकी मासिक आय भी क्रेडिट लिमिट तय करने में महत्वपूर्ण होती है। ज्यादा सैलरी वाले व्यक्ति को ज्यादा लिमिट मिलने की संभावना होती है क्योंकि बैंक मानते हैं कि उसकी भुगतान करने की क्षमता ज्यादा है। लेकिन सिर्फ सैलरी ही सब कुछ नहीं होती, बैंक यह भी देखते हैं कि आपकी आय स्थिर है या नहीं।

पुराने लोन और EMI का रिकॉर्ड भी देखा जाता है
अगर आपने पहले होम लोन, पर्सनल लोन या कोई अन्य लोन लिया है, तो बैंक उसका रिकॉर्ड भी जांचते हैं। अगर आपने समय पर EMI भरी है तो आपकी साख मजबूत मानी जाती है और लिमिट बढ़ सकती है। लेकिन अगर आपने भुगतान में देरी की है तो बैंक लिमिट कम रख सकते हैं।

खर्च करने की आदत भी तय करती है लिमिट
बैंक यह भी देखते हैं कि आप अपने पुराने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे करते हैं। अगर आप लिमिट से ज्यादा खर्च करते हैं या बिल देर से भरते हैं, तो बैंक आपको ज्यादा लिमिट देने से बचते हैं। वहीं अगर आप जिम्मेदारी से खर्च करते हैं और समय पर भुगतान करते हैं, तो बैंक धीरे-धीरे लिमिट बढ़ा देते हैं।

कैसे बढ़ा सकते हैं अपनी क्रेडिट लिमिट
अगर आप चाहते हैं कि आपकी क्रेडिट लिमिट बढ़े, तो हमेशा बिल समय पर भरें, क्रेडिट स्कोर अच्छा रखें और जरूरत से ज्यादा लोन लेने से बचें। बैंक समय-समय पर अच्छे ग्राहकों की लिमिट अपने आप बढ़ा देते हैं। आप चाहें तो बैंक में आवेदन करके भी लिमिट बढ़ाने की मांग कर सकते हैं।

यह जानकारी सामान्य वित्तीय नियमों और बैंकिंग प्रक्रिया पर आधारित है। अलग-अलग बैंक के नियम अलग हो सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय सलाहकार से जानकारी अवश्य लें। newsbag.in इस जानकारी की पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
