By: Vikash Kumar (Vikash )
दही भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है और गर्मी हो या सर्दी, लोग किसी न किसी रूप में दही का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दही से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जिन पर लोग आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही होती है। सोशल मीडिया, घरेलू नुस्खों और अधूरी जानकारी के कारण दही को लेकर कई हेल्थ मिथ्स फैले हुए हैं। आज हम आपको दही से जुड़ी 7 ऐसी ही बड़ी गलतफहमियों के बारे में बता रहे हैं, जिन पर यकीन करना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

दही कभी भी नुकसान नहीं करता
अक्सर माना जाता है कि दही हर किसी के लिए और हर समय फायदेमंद होता है। जबकि सच्चाई यह है कि कुछ लोगों को दही सूट नहीं करता। जिन लोगों को सर्दी, खांसी, साइनस या एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें दही का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। खासतौर पर रात के समय दही खाने से कफ की समस्या बढ़ सकती है।
रात में दही खाना पूरी तरह सुरक्षित है
यह सबसे आम मिथ्स में से एक है। आयुर्वेद के अनुसार रात में दही खाना पाचन तंत्र के लिए सही नहीं माना जाता। रात में दही खाने से गैस, एसिडिटी और बलगम की समस्या हो सकती है। अगर किसी कारणवश रात में दही लेना ही हो तो उसमें काली मिर्च या भुना जीरा मिलाकर लेना बेहतर माना जाता है।

दही वजन बढ़ाता है
बहुत से लोग वजन बढ़ने के डर से दही खाना छोड़ देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि सीमित मात्रा में दही वजन बढ़ाने की बजाय वजन घटाने में मदद कर सकता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन को बेहतर बनाते हैं और मेटाबॉलिज्म को सुधारते हैं, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।
खाली पेट दही खाना हमेशा फायदेमंद होता है
यह बात हर किसी के लिए सही नहीं है। जिन लोगों का पाचन कमजोर है या जिन्हें अक्सर एसिडिटी होती है, उनके लिए खाली पेट दही खाना परेशानी बढ़ा सकता है। बेहतर है कि दही को भोजन के साथ या दोपहर के समय लिया जाए।

दही और दूध एक जैसे होते हैं
अक्सर लोग दही और दूध को पोषण के मामले में एक समान मान लेते हैं। जबकि दोनों के गुण अलग-अलग होते हैं। दही दूध से बना जरूर होता है, लेकिन फर्मेंटेशन के कारण इसमें मौजूद बैक्टीरिया इसे पाचन के लिए ज्यादा आसान बना देते हैं। दही में लैक्टोज कम होता है, इसलिए यह लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों के लिए भी ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

खट्टा दही खाने से बीमार पड़ सकते हैं
हल्का खट्टा दही आमतौर पर खराब नहीं होता। दही का खट्टापन फर्मेंटेशन की प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि बहुत ज्यादा खट्टा, बदबूदार या फफूंदी लगा दही सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे दही का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

दही सिर्फ गर्मियों में ही खाना चाहिए
यह भी एक अधूरी जानकारी पर आधारित धारणा है। दही सालभर खाया जा सकता है, बस मौसम और शरीर की प्रकृति के अनुसार इसके सेवन का तरीका बदलना चाहिए। सर्दियों में दही को दिन में और मसालों के साथ खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो दही एक पौष्टिक आहार है, लेकिन इससे जुड़ी गलतफहमियों के कारण लोग या तो इसका जरूरत से ज्यादा सेवन कर लेते हैं या फिर पूरी तरह छोड़ देते हैं। सही जानकारी और संतुलित मात्रा में लिया गया दही ही सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है।
यह लेख सामान्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी तरह के आहार या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। वेबसाइट इस जानकारी की पूर्ण सटीकता या किसी नुकसान की जिम्मेदारी नहीं लेती।

