By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब शहर के 9 प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकियां सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच ई-मेल के जरिए भेजी गईं, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल दिल्ली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और सभी संबंधित स्कूलों में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस टीमों को भेजा गया।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए स्कूल परिसरों को तुरंत खाली कराया गया। छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जबकि कई स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई। अभिभावकों को भी तुरंत सूचित किया गया, जिससे वे अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जा सकें। इस दौरान कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित रही, क्योंकि सुरक्षा कारणों से कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन स्कूलों को धमकी मिली है, वे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थित हैं और सभी नामी शैक्षणिक संस्थान हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमकी भरे ई-मेल एक जैसे प्रारूप में भेजे गए थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे किसी एक स्रोत या समूह का हाथ हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी भी स्कूल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को ई-मेल की तकनीकी जांच सौंप दी गई है। ई-मेल की आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, भले ही पहले कई मामलों में ऐसी धमकियां अफवाह या शरारत साबित हुई हों।

इस घटना के बाद राजधानी में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, स्कूलों में प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त निगरानी रखने को कहा गया है।

अभिभावकों में इस घटना को लेकर खासा डर और चिंता देखने को मिली। कई माता-पिता का कहना है कि बार-बार मिल रही ऐसी धमकियों से बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियां कई बार समाज में डर का माहौल बनाने या प्रशासन की प्रतिक्रिया को परखने के उद्देश्य से भी दी जाती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में भी मददगार साबित होती है।

दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय और गृह मंत्रालय को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल सभी प्रभावित स्कूलों में सघन तलाशी अभियान पूरा कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की संदिग्ध सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
