By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। शुरुआती जांच और खुफिया इनपुट्स के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि आतंकी किसी सुनियोजित साजिश के तहत राजधानी के एक बेहद भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाना चाहते थे। हालांकि सुरक्षा कारणों से उस स्थान का नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एजेंसियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई।

सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट की साजिश का मकसद राजधानी में दहशत फैलाना और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करना था। जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई अहम सबूत जुटाए हैं, जिनमें तकनीकी डेटा, संदिग्धों की गतिविधियां और आपसी संपर्क से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि आतंकी ऐसे स्थान को निशाना बनाना चाहते थे जहां दिन के समय भारी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस साजिश के पीछे लंबी प्लानिंग की गई थी और कई दिनों से इलाके की रेकी की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया है।

जांच एजेंसियों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस मामले में कई पहलुओं पर एक साथ जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साजिश के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था और इसके तार देश के भीतर या बाहर कहां तक जुड़े हैं। फिलहाल किसी अंतरराष्ट्रीय लिंक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सभी एंगल से जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनसे अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पूछताछ के दौरान संदिग्धों के डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

इस बीच, राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रमुख बाजारों, मेट्रो स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को शुरुआती स्तर पर ही नाकाम किया जा सके। इसके अलावा, खुफिया तंत्र को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। कई नेताओं ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा है कि समय रहते साजिश का खुलासा होना बड़ी सफलता है। वहीं, कुछ नेताओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में आतंकी साजिशों का खतरा लगातार बना रहता है, ऐसे में तकनीक और मानव खुफिया दोनों को मजबूत करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आम नागरिकों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की आवश्यकता है।

फिलहाल दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
राजधानी में हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

