By: Vikash Kumar (Vicky )
दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के मौसम ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाया है। मंगलवार सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में घने कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिसका सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से संचालित होने वाली 118 उड़ानों को रद करना पड़ा, जबकि 16 उड़ानों को खराब दृश्यता के चलते अन्य हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया। कोहरे की वजह से रनवे पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे टेकऑफ और लैंडिंग दोनों ही जोखिम भरे हो गए।
सुबह के समय दिल्ली एयरपोर्ट पर दृश्यता कई इलाकों में 50 मीटर से भी नीचे दर्ज की गई। इस कारण कैट-III तकनीक से लैस विमानों को ही लैंडिंग की अनुमति दी गई, जबकि अन्य उड़ानों को रद या डायवर्ट करना पड़ा। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, जैसे-जैसे कोहरा गहराता गया, वैसे-वैसे उड़ानों का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ गया। कई यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ यात्रियों को अपनी यात्रा रद करनी पड़ी।
घने कोहरे का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। एनसीआर के अन्य हवाई अड्डों और उत्तर भारत के कई शहरों में भी उड़ानों के संचालन पर प्रभाव पड़ा। लखनऊ, चंडीगढ़, अमृतसर और जयपुर जाने वाली कई फ्लाइट्स को या तो रद किया गया या देरी से संचालित किया गया। दिल्ली आने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को जयपुर और लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया, जिससे वहां भी यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों ने अव्यवस्था और जानकारी की कमी को लेकर नाराजगी जताई। कई यात्रियों का कहना था कि उन्हें समय पर उड़ान रद होने या डायवर्ट होने की सूचना नहीं मिल सकी, जिसके कारण वे एयरपोर्ट पर फंसे रहे। वहीं एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अपील की कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें और मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर यात्रा की योजना बनाएं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और ठंडी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा बना रह सकता है। IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी और कम तापमान के कारण कोहरा जल्दी छंटने की संभावना कम है, जिससे आने वाले दिनों में भी उड़ानों पर असर पड़ सकता है।
हवाई यातायात विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में दिल्ली एयरपोर्ट पर कोहरे की समस्या हर साल सामने आती है। हालांकि कैट-III जैसी आधुनिक तकनीक से लैस रनवे होने के बावजूद, अत्यधिक घने कोहरे में उड़ानों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई बार उड़ानों को रद या डायवर्ट करना ही एकमात्र विकल्प रह जाता है।
कोहरे के कारण सिर्फ हवाई यातायात ही नहीं, बल्कि सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। रेलवे ने भी कुछ ट्रेनों के देर से चलने की सूचना दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे में यात्रा करते समय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए और अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि कोहरे के मौसम में फ्लाइट शेड्यूल में अचानक बदलाव संभव है। यात्रियों को SMS, ईमेल और एयरलाइन ऐप के जरिए मिलने वाली सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, रद या देरी की स्थिति में रीबुकिंग और रिफंड से जुड़ी नीतियों को भी स्पष्ट किया गया है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे ने एक बार फिर हवाई यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। 118 उड़ानों का रद होना और 16 का डायवर्ट किया जाना इस बात का संकेत है कि सर्दियों के मौसम में मौसम की मार कितनी गंभीर हो सकती है। आने वाले दिनों में यदि कोहरा इसी तरह बना रहा, तो यात्रियों को और भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
