By: Vikash Kumar ( Vicky )
दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर प्रदूषण ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में धुंध की मोटी चादर छा गई है। शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खतरनाक’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई इलाकों में लोग आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और सिरदर्द की शिकायत करते नजर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है।

किन इलाकों में हालात सबसे खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, रोहिणी और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में AQI 450 के पार पहुंच गया, जो ‘खतरनाक’ स्तर माना जाता है। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई।
प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं—
हवा की रफ्तार का बेहद कम होना
तापमान में गिरावट और नमी का बढ़ना
वाहनों से निकलने वाला धुआं
निर्माण कार्य और धूल
आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं
इन सभी कारणों ने मिलकर राजधानी को एक बार फिर गैस चैंबर में तब्दील कर दिया है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा हालात में खुले में ज्यादा समय बिताना बेहद खतरनाक हो सकता है। अस्पतालों में सांस की बीमारी, अस्थमा अटैक और एलर्जी से जुड़ी शिकायतों में इजाफा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
ट्रैफिक और उड़ानों पर भी असर
घने कोहरे और धुंध के कारण दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हुई है। कई जगहों पर लंबा जाम देखने को मिला। वहीं, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कुछ उड़ानों में देरी की सूचना है। रेल सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित बताई जा रही हैं।
प्रशासन और सरकार की तैयारी
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ग्रैप (GRAP) के कड़े प्रतिबंध लागू करने के संकेत दिए हैं। डीजल वाहनों पर रोक, निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध और स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प भी विचाराधीन है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।
क्या कहती है मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हवा की रफ्तार धीमी बनी रह सकती है, जिससे प्रदूषण में राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद हल्की हवा चलने से हालात में कुछ सुधार हो सकता है।
आम लोगों से अपील
विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
मॉर्निंग वॉक से बचें
बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें
N95 मास्क का इस्तेमाल करें
एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें
प्रदूषण फैलाने वाली गतिवियोंधि से बचें
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चुनौती बनकर सामने आया है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। जरूरत है सामूहिक प्रयास और सख्त नीतियों की, ताकि राजधानी को साफ हवा मिल सके और लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
