By: Vikash Kumar (Vicky )
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्र में सर्दी के साथ-साथ प्रदूषण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली-एनसीआर घने स्मॉग और कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 402 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। घने स्मॉग और कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सुबह के समय ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली के कई हॉटस्पॉट इलाकों में AQI 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। आनंद विहार, अशोक विहार, वजीरपुर, रोहिणी, बवाना और मुंडका जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता ‘अति गंभीर’ श्रेणी में रही। विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक पाई गई। एनसीआर के शहरों की बात करें तो गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब दर्ज किया गया। कुछ क्षेत्रों में AQI 380 से 420 के बीच रहा।
ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक
दिल्ली-NCR में कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषण ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। ठंडी हवाओं की कमी और नमी के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे स्मॉग की स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक तेज हवाएं नहीं चलेंगी या बारिश नहीं होगी, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है।

उड़ानों और ट्रैफिक पर असर
घने कोहरे और कम विजिबिलिटी का सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर कई उड़ानों में देरी हुई, जबकि कुछ फ्लाइट्स को डायवर्ट भी किया गया। एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है। सड़कों पर भी हालात खराब रहे। दिल्ली और एनसीआर की प्रमुख सड़कों और एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-48 पर सुबह के समय वाहन रेंगते नजर आए।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, AQI 400 के पार पहुंचना बेहद चिंताजनक है। इस स्तर पर लंबे समय तक सांस लेने से फेफड़ों, दिल और आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है।डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, सिरदर्द, खांसी और एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं। लोगों को सुबह के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी जा रही है।
GRAP के तहत कड़े प्रतिबंध
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के कड़े प्रतिबंध लागू हैं। इसके तहत:
निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक
डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
भारी वाहनों की एंट्री पर सख्ती
स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने की सलाह
सरकारी एजेंसियों को सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं।
कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा और स्मॉग बना रह सकता है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश या तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ गिरावट आ सकती है।
फिलहाल लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियां बरतने की जरूरत है।
