
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) को दहलाने की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने अलग-अलग राज्यों से 5 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, आईईडी बनाने का सामान, संचार उपकरण, नकली दस्तावेज और हथियार बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आतंकी दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य संवेदनशील स्थानों पर बड़े पैमाने पर हमला करने की योजना बना रहे थे। समय रहते उनके मंसूबों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राहत की सांस ली जा रही है।
आतंकियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आतंकियों में कुछ पर पहले से ही नज़र रखी जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने पिछले दो हफ्तों में कई स्थानों पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप, अलग-अलग राज्यों से आतंकियों को दबोचा गया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिए संपर्क साधा था। वे विदेशी संपर्कों से भी जुड़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अब आतंकियों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
आईईडी बनाने की सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को अत्याधुनिक विस्फोटक सामग्री मिली, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं—
अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट और अन्य रसायन
टाइमर और सर्किट बोर्ड
वायर, बैटरियाँ और ट्रिगर डिवाइस
नकली पहचान पत्र और आधार कार्ड
हथियार जैसे पिस्तौल, कारतूस आदि
पुलिस का कहना है कि आतंकी राजधानी में भीड़भाड़ वाले स्थानों, मेट्रो स्टेशनों और सरकारी इमारतों को निशाना बनाना चाहते थे। पूछताछ में आतंकियों ने स्वीकार किया कि वे किसी बड़ी तबाही की योजना में शामिल थे। हालांकि, जांच अभी जारी है।
दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ाई गई
इस घटना के बाद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशनों, मेट्रो, बस अड्डों और एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर दें। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का समन्वय
गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आतंकियों के नेटवर्क की जानकारी साझा की। कई राज्यों में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर भर्ती कर युवाओं को कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल कर रहा था। आतंकवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई में यह गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

जनता में सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान
दिल्ली पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। सोशल मीडिया, रेडियो और स्थानीय समाचार चैनलों के ज़रिए नागरिकों को सुरक्षा उपाय बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि—
संदिग्ध वस्तु न छुएं
अनजान नंबर या लिंक से सावधान रहें
सुरक्षित यात्रा करें
सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहें
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों का नेटवर्क पूरी तरह से खत्म करने तक जांच जारी रहेगी। साथ ही, नागरिकों के सहयोग से यह अभियान और प्रभावी बनेगा।
आतंकवाद की बढ़ती चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद अब केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी फैल रहा है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और तकनीकी साधनों के माध्यम से आतंकवादी अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में खुफिया एजेंसियों की सतर्कता और नागरिकों की जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बनती जा रही है। दिल्ली-एनसीआर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हर समय चौकसी जरूरी है।
आगे की रणनीति
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों से मिली जानकारी के आधार पर कई और गिरफ्तारी हो सकती है। आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है। साथ ही, संदिग्ध फंडिंग और ऑनलाइन चैनलों पर भी नज़र रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियाँ इंटरपोल और अन्य विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क में हैं ताकि बाहरी मदद या संपर्कों का पता लगाया जा सके।
नागरिकों के लिए संदेश
इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा केवल सरकार का कार्य नहीं है। हर नागरिक को सतर्क रहना चाहिए। आतंकियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और डर से दूर रहकर जागरूकता, संयम और सहयोग से ही हम अपने शहरों को सुरक्षित रख सकते हैं।


