By: Vikash Kumar (Vicky)
दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब राजधानी में राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए तीन स्तर पर सख्त जांच प्रणाली लागू की गई है।

नए नियमों के तहत अब राशन कार्ड बनवाने के लिए प्रत्येक आवेदक और उसके परिवार के सभी सदस्यों को आधार संख्या देना अनिवार्य होगा। बिना आधार नंबर के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगेगी और पात्र लोगों को ही सरकारी योजना का लाभ मिल सकेगा।

क्यों बदले गए नियम?
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड बनवाने के मामले सामने आ रहे थे। कई लोगों के पास दो-दो राज्यों के राशन कार्ड पाए गए। इन अनियमितताओं को रोकने और ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी लाभार्थियों का डेटा डिजिटली सुरक्षित रहे और वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो।

क्या है नई आवेदन प्रक्रिया?
अब राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के इच्छुक नागरिकों को दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के दौरान निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे—
1. परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
2. निवास प्रमाण पत्र
3. आय प्रमाण पत्र
4. पासपोर्ट साइज फोटो
5. मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)
आवेदन जमा करने के बाद आवेदक को एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा।

तीन स्तर पर होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत आवेदन की जांच तीन स्तर पर की जाएगी—
पहला स्तर: ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन। इसमें सिस्टम के माध्यम से आधार और अन्य दस्तावेजों का डिजिटल मिलान किया जाएगा।
दूसरा स्तर: क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन। अधिकारी आवेदक के पते पर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे।
तीसरा स्तर: जिला स्तर पर अंतिम अनुमोदन। सभी दस्तावेज और रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही राशन कार्ड जारी किया जाएगा।
यदि किसी भी स्तर पर दस्तावेज गलत पाए जाते हैं, तो आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।

किन्हें मिलेगा लाभ?
नए नियमों के तहत केवल वही परिवार पात्र होंगे जो आय सीमा के मानकों को पूरा करते हैं। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले पात्र नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का दावा
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। डिजिटल सिस्टम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक व्यक्ति के नाम पर एक ही राशन कार्ड जारी हो। साथ ही आधार लिंकिंग से डुप्लीकेट एंट्री समाप्त होगी।
आम जनता पर क्या असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली से युवा और शिक्षित वर्ग को सुविधा होगी, लेकिन जिन लोगों के पास डिजिटल संसाधन नहीं हैं, उन्हें शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि नागरिक सुविधा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से लोगों की मदद की जाएगी।

पहले क्या थी व्यवस्था?
पहले राशन कार्ड के लिए ऑफलाइन आवेदन की भी सुविधा थी। लोग संबंधित कार्यालय में जाकर फॉर्म जमा कर सकते थे। लेकिन इसमें समय अधिक लगता था और दस्तावेजों की जांच में पारदर्शिता की कमी की शिकायतें भी आती थीं।

कब से लागू होंगे नए नियम?
विभाग के अनुसार, यह नई व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। पुराने लंबित आवेदनों की भी समीक्षा नई प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे पात्र लोगों को समय पर राशन मिलेगा और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि जमीनी स्तर पर यह नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है।

