By: Vikash Kumar (Vicky)
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आतंकी हमले का अलर्ट जारी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले खुफिया इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा राजधानी के संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल लाल किला के आसपास धमाके की साजिश रच सकता है। इन इनपुट्स के बाद दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

खुफिया इनपुट के बाद बढ़ी सतर्कता
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को हाल ही में एक विशेष इनपुट प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया है कि आतंकी संगठन राजधानी में किसी भीड़भाड़ वाले या प्रतीकात्मक महत्व के स्थल को निशाना बना सकते हैं। लाल किला को विशेष रूप से इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यह न केवल ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि राष्ट्रीय पर्वों और बड़े आयोजनों का केंद्र भी है। अलर्ट जारी होने के बाद लाल किला और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जा रही है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर तैनात किया गया है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट के बाद सभी जिला पुलिस उपायुक्तों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया और संचार माध्यमों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध संदेश या गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा सके। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय खुफिया नेटवर्क को भी सक्रिय कर चुकी हैं।

लाल किला क्यों है संभावित निशाना?
लाल किला देश की आजादी और लोकतंत्र का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर यहीं से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक भी यहां आते हैं। ऐसे में यह स्थान आतंकी संगठनों के लिए प्रतीकात्मक रूप से बड़ा लक्ष्य हो सकता है।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी ठोस हमले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

राजधानी में पहले भी रहे हैं अलर्ट
दिल्ली में समय-समय पर आतंकी हमले के अलर्ट जारी होते रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण यहां सुरक्षा एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं। प्रमुख सरकारी भवनों, दूतावासों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर पहले से ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इनपुट अक्सर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को मजबूत करने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं लिया जाता और हर अलर्ट को गंभीरता से परखा जाता है।

आम लोगों के लिए क्या हैं निर्देश?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें
बिना पहचान वाले बैग या पैकेट को न छुएं
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना 112 पर दें
अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
इसके अलावा, बाजार संघों और स्थानीय आरडब्ल्यूए को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों और कॉलेजों को भी एहतियातन सुरक्षा समीक्षा करने को कहा गया है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से सावधान
अलर्ट की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
साइबर सेल को विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे भ्रामक या डर फैलाने वाली पोस्ट्स पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करें।

दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। लाल किला और अन्य संवेदनशील स्थानों पर बहुस्तरीय सुरक्षा तैनात है। प्रशासन का कहना है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

