By: Vikash Kumar (vicky)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जल संकट की स्थिति बनने जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने घोषणा की है कि 25 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक द्वारका स्थित जल शोधन संयंत्र में 48 घंटे का अनिवार्य रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस कारण द्वारका सहित 50 से अधिक इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद या कम दबाव पर रहेगी।

डीजेबी के अनुसार, द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट राजधानी के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में बड़ी आबादी को पेयजल उपलब्ध कराता है। संयंत्र की मशीनरी और मुख्य पाइपलाइन नेटवर्क के तकनीकी उन्नयन तथा मरम्मत के लिए यह शटडाउन जरूरी है। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से लंबित इस मेंटेनेंस कार्य को अब पूरा किया जा रहा है ताकि भविष्य में अचानक सप्लाई ठप होने जैसी बड़ी समस्या से बचा जा सके।

किन इलाकों में पड़ेगा असर?
जल बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार द्वारका, उत्तम नगर, नजफगढ़, पालम, सागरपुर, जनकपुरी, महावीर एन्क्लेव, ककरोला और आसपास की कई कॉलोनियों में जल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। कुछ क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी, जबकि कई जगहों पर पानी कम दबाव के साथ उपलब्ध होगा।
विशेष रूप से बहुमंजिला इमारतों और ऊंची सोसायटियों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कम दबाव की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचना कठिन हो जाता है, जिससे टैंकरों पर निर्भरता बढ़ सकती है।

क्यों जरूरी है रखरखाव?
जल शोधन संयंत्रों की नियमित देखरेख और तकनीकी निरीक्षण अत्यंत आवश्यक होता है। यदि समय पर मरम्मत और उन्नयन नहीं किया जाए तो पाइपलाइन लीकेज, मशीनरी फेल्योर या जल गुणवत्ता प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे महानगर में जहां करोड़ों लोग जलापूर्ति प्रणाली पर निर्भर हैं, वहां किसी भी संयंत्र का सुचारु संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस 48 घंटे के रखरखाव का उद्देश्य दीर्घकालिक जल प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

टैंकर सेवा और वैकल्पिक व्यवस्था
स्थिति को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। जिन क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह बाधित रहेगी, वहां मांग के अनुसार टैंकर भेजे जाएंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यकता अनुसार पानी स्टोर कर लें और अनावश्यक उपयोग से बचें।
हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय जल बोर्ड कार्यालयों के माध्यम से टैंकर सेवा की जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों ने कहा है कि 27 फरवरी के बाद जलापूर्ति धीरे-धीरे सामान्य कर दी जाएगी।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी
– 25 फरवरी से पहले आवश्यक मात्रा में पानी का भंडारण कर लें।
– पानी का उपयोग केवल जरूरी कार्यों के लिए करें।
– टैंकर सेवा की जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों से संपर्क करें।
– अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें साझा न करें।

बढ़ती चुनौती: दिल्ली में जल संकट
दिल्ली में जल संकट कोई नई समस्या नहीं है। गर्मियों के दौरान कई इलाकों में पानी की किल्लत आम बात है। हालांकि इस बार कारण तकनीकी रखरखाव है, लेकिन इससे राजधानी की जल प्रबंधन प्रणाली की चुनौतियां उजागर होती हैं।
बढ़ती आबादी, सीमित जल स्रोत और भूजल स्तर में गिरावट दिल्ली के सामने बड़ी समस्या हैं। विशेषज्ञ वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और पाइपलाइन नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर जोर देते हैं।
सरकार का कहना है कि जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य किए जा रहे हैं। द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का यह रखरखाव उसी दिशा में एक कदम है।
प्रशासन का आश्वासन
दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि मेंटेनेंस कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। 27 फरवरी के बाद जलापूर्ति सामान्य स्थिति में लौट आएगी। अधिकारियों का कहना है कि अस्थायी असुविधा के बावजूद यह कदम भविष्य में बेहतर और नियमित जल वितरण सुनिश्चित करेगा।

