By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवघर के भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी की। इस दौरान एसीबी की टीम ने कार्यालय के बड़ा बाबू निरंजन कुमार और पियून नूनदेव यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मिली जानकारी के अनुसार, देवघर के एक आवेदक ब्रह्मदेव ने जमीन से जुड़े एक मामले के निपटारे के लिए भू-अर्जन कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि इस मामले को आगे बढ़ाने और जल्द निपटाने के नाम पर कार्यालय के बड़ा बाबू निरंजन कुमार और पियून नूनदेव यादव द्वारा आवेदक से पांच प्रतिशत कमीशन यानी रिश्वत की मांग की जा रही थी। लगातार घूस की मांग से परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कर दी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायत को सही पाए जाने पर एसीबी के अधिकारियों ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। इसके बाद रिश्वत लेने की पुष्टि होते ही कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
बताया जाता है कि आज निर्धारित योजना के अनुसार आवेदक जब रिश्वत की रकम लेकर भू-अर्जन कार्यालय पहुंचा, तभी एसीबी की टीम पहले से ही आसपास मौजूद थी और पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही थी। जैसे ही बड़ा बाबू और पियून द्वारा रिश्वत की राशि ली गई, उसी समय एसीबी की टीम ने मौके पर छापेमारी कर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के डीएसपी कर रहे थे। टीम ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दोनों को अपने साथ ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद भू-अर्जन कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुई छापेमारी से कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मच गई। कई कर्मचारी अपने-अपने कमरों से बाहर निकलकर पूरे घटनाक्रम को देखने लगे। वहीं कुछ लोग इस कार्रवाई को लेकर आपस में चर्चा करते नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है और काम कराने के लिए घूस की मांग की जाती है। ऐसे में एसीबी की इस कार्रवाई से आम लोगों में उम्मीद जगी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
एसीबी के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। किसी भी सरकारी कार्यालय में अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है तो लोग इसकी शिकायत सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कर सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने और आम लोगों को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने के लिए एसीबी लगातार सक्रिय है। रिश्वतखोरी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों को कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई की जाएगी।
इधर, एसीबी की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है। कई कार्यालयों में कर्मचारी अब अपने कामकाज को लेकर ज्यादा सावधानी बरतते नजर आ रहे हैं। लोगों का मानना है कि अगर इस तरह की कार्रवाई लगातार होती रही तो सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

फिलहाल एसीबी की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान अगर इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवघर में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। आम लोगों को उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को बिना घूस दिए अपने काम कराने में आसानी होगी।

