By Mala Mandal
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में 9 दिसंबर की देर रात हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना अब सियासी और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। देवघर के सुभाष चौक स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल के समीप एक कार से हुई दुर्घटना में बिहार के ब्राह्मण भूमिहार एकता मंच के संस्थापक सह भाजपा नेता आशुतोष कुमार के भाई आलोक कुमार की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आशुतोष कुमार ने देवघर नगर थाना में इसे दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) युवा मोर्चा के देवघर जिला अध्यक्ष राहुल चंद्रवंशी को नामजद आरोपी बनाया गया है। हालांकि, घटना के 14 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में आज आशुतोष कुमार सैकड़ों समर्थकों के साथ देवघर की सड़कों पर उतर आए।

वीआईपी चौक से टावर चौक तक पैदल मार्च
सोमवार को आशुतोष कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थक देवघर के वीआईपी चौक पर एकत्र हुए। यहां से सभी पैदल मार्च करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टावर चौक पहुंचे।
टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर धरना दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह से आक्रोशपूर्ण दिखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए।
“मेरे भाई की हत्या हुई है, पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही” – आशुतोष कुमार
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा नेता आशुतोष कुमार ने कहा,
“मेरे भाई आलोक कुमार की हत्या राहुल चंद्रवंशी द्वारा की गई है। हमने सबूतों के साथ देवघर नगर थाना में मामला दर्ज कराया है, इसके बावजूद पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। 14 दिन बीत चुके हैं लेकिन आरोपी अब तक खुलेआम घूम रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का राजनीतिक संरक्षण होने के कारण देवघर पुलिस जानबूझकर कार्रवाई से बच रही है।
“जब न्याय व्यवस्था पर भरोसा उठता है, तब सड़क पर उतरना पड़ता है”
आशुतोष कुमार ने आगे कहा कि,
“जब शासन और प्रशासन से भरोसा उठ जाता है, तभी जनता को सड़कों पर उतरना पड़ता है। आज सैकड़ों लोग मेरे भाई को न्याय दिलाने के लिए मेरे साथ खड़े हैं।”
उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि देवघर में न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रांची तक आंदोलन की चेतावनी
आशुतोष कुमार ने एलान किया कि,
“अगर देवघर पुलिस ने जल्द आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की तो हम देवघर से रांची तक आंदोलन ले जाएंगे। मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और जब तक मेरे भाई के हत्यारे को सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।”
उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में यह मामला राज्यव्यापी राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देवघर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हत्या का आरोप लगने और नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होना आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना की तारीख: 9 दिसंबर
स्थान: सुभाष चौक, मॉडर्न पब्लिक स्कूल के पास, देवघर
घटना: कार से कुचलने का आरोप
मृतक: आलोक कुमार (भाई – आशुतोष कुमार)
नामजद आरोपी: राहुल चंद्रवंशी (झामुमो युवा मोर्चा, देवघर जिला अध्यक्ष)
देवघर में आलोक कुमार की मौत अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय, राजनीति और प्रशासनिक निष्क्रियता का बड़ा सवाल बनता जा रहा है। यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
