By: Vikash Mala Mandal
झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 25 मार्च को मंदिर के कुल 18 दानपात्र खोले गए, जिनमें कुल 32 लाख 14 हजार 245 रुपये की राशि प्राप्त हुई। लेकिन इसी दान के बीच 100 रुपये की पाकिस्तानी करेंसी मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय प्रशासन से लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसियों तक जांच की मांग उठने लगी है।

दानपात्र से पाकिस्तानी करेंसी मिलने पर सवाल
मंदिर प्रशासन के अनुसार, दानपात्र खोलने की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार की गई थी। गिनती के दौरान जब विदेशी मुद्रा पाई गई, तब उसमें पाकिस्तानी नोट भी शामिल था। हालांकि यह राशि बहुत कम है, लेकिन इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। मंदिर जैसे उच्च सुरक्षा वाले धार्मिक स्थल में विदेशी करेंसी, विशेषकर पाकिस्तान की मुद्रा मिलना कई तरह के सवाल खड़े करता है—क्या यह सामान्य श्रद्धालु द्वारा दिया गया दान है या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य हो सकता है?

सांसद निशिकांत दुबे का बयान
इस मामले पर निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि “मंदिर की सुरक्षा फिलहाल बाबा के भरोसे ही चल रही है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से लेकर 2026 तक मंदिर प्रबंधन को लेकर कोई ठोस बैठक नहीं की गई है। एक ट्रस्टी होने के बावजूद उन्हें मंदिर में हो रही गतिविधियों की जानकारी नहीं मिलती है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

पुरोहित समाज ने जताई गहरी चिंता
मंदिर के वरिष्ठ पुरोहित सह अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के संरक्षक दुर्लभ मिश्रा ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए गहन जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे दो संभावनाएं हो सकती हैं—
1. कोई पाकिस्तानी मूल का हिंदू श्रद्धालु मंदिर आया हो और उसने पूजा के बाद दान में यह राशि दी हो।
2. वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह भी संभव है कि किसी असामाजिक तत्व या आतंकी गतिविधि के तहत रेकी (जासूसी) के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया हो।
दुर्लभ मिश्रा ने यह भी आशंका जताई कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा है, तो यह सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जाएगी।

NIA जांच की उठी मांग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक नोट का मामला नहीं है, बल्कि मंदिर की सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
मिश्रा ने कहा कि “मैं पिछले 65 वर्षों से मंदिर से जुड़ा हूं, लेकिन पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।”

मंदिर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। सावन और अन्य विशेष अवसरों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
लेकिन इस घटना ने यह संकेत दिया है कि कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में खामी है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति मंदिर परिसर में प्रवेश कर दानपात्र तक पहुंच सकता है, तो यह प्रशासन के लिए चेतावनी है।

प्रशासन की भूमिका पर नजर
इस पूरे मामले में अब स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। लोगों की मांग है कि CCTV फुटेज की जांच की जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और यह पता लगाया जाए कि यह पाकिस्तानी नोट मंदिर तक कैसे पहुंचा।
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में दानपात्र से पाकिस्तानी करेंसी का मिलना सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर सवालों को जन्म देता है। जहां एक ओर यह धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है, वहीं दूसरी ओर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मामला बनता जा रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से जांच करता है और दोषियों तक पहुंचने में कितना सफल होता है।
