By: Vikash Kumar ( Vicky )
देवघर। झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नगर निकाय चुनाव की तिथि की अविलंब घोषणा, दलीय आधार पर चुनाव कराने, बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से मतदान कराने तथा रामपुर स्थित वर्टिकल-3 योजना के तहत बने फ्लैटों में लाभुकों को शीघ्र गृह प्रवेश दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को देवघर नगर निगम कार्यालय परिसर में भाजपा की ओर से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया।

धरना का नेतृत्व भाजपा जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वर्टिकल-3 के लाभुक धरना में शामिल हुए। इस दौरान सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
राज्य सरकार पर लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप
धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव ईवीएम से कराए जाते हैं, लेकिन नगर निकाय चुनाव में बैलेट पेपर का निर्णय सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। नगर निकाय चुनाव भी दलीय आधार पर होने चाहिए ताकि जनता को स्पष्ट विकल्प मिल सके। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से नगर निगम चुनाव लंबित हैं, जिससे शहरी विकास पूरी तरह से ठप पड़ा है। इच्छुक उम्मीदवार निराश हैं और आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की तो भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
वर्टिकल-3 फ्लैटों में गृह प्रवेश नहीं कराने पर चेतावनी
सचिन रवानी ने रामपुर स्थित वर्टिकल-3 के तहत बने प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गरीबों का आशियाना बदहाली के आंसू रो रहा है। लाभुक वर्षों से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें गृह प्रवेश नहीं कराया गया है, जबकि कई लाभुक पूरी राशि जमा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम ने जल्द गृह प्रवेश नहीं कराया तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी और लाभुकों के साथ मिलकर ताला तोड़कर गृह प्रवेश कराया जाएगा, चाहे इसके लिए जेल ही क्यों न जाना पड़े। भाजपा हमेशा जनता के साथ खड़ी है।
नगर निकाय चुनाव न होने से शहरी विकास बाधित
कार्यक्रम प्रभारी और सारठ के पूर्व विधायक रंधीर सिंह ने कहा कि नगर निकाय चुनाव नहीं होने से शहरी विकास पूरी तरह बाधित हो गया है। आम जनता सड़क, नाली, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को टाल रही है, जो संविधान और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। वर्तमान में नगर निगम में अफसरशाही हावी है।

चुनाव से डर रही है सरकार : नारायण दास
देवघर के पूर्व विधायक नारायण दास ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार संभावित हार से डर रही है, इसी कारण नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अभाव में जनता की आवाज दबाई जा रही है।
ईवीएम से चुनाव जरूरी : कन्हैया झा
भाजपा निगम प्रभारी सह वार्ड पार्षद जिला उपाध्यक्ष कन्हैया झा ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में ईवीएम का प्रयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि निकाय चुनाव में और देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वर्टिकल-3 योजना पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2022 तक हर गरीब को पक्का घर देना था। देवघर में करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से 665 फ्लैट बनाए गए, लेकिन छह साल बीत जाने के बावजूद लाभुकों को गृह प्रवेश नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि आज ये फ्लैट असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं। रखरखाव के अभाव में फ्लैट जर्जर हालत में हैं, टॉयलेट गंदे हैं, ग्रील तक उखड़ चुकी हैं और चारों ओर घास उगी हुई है। यह प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
संविधान के खिलाफ है चुनाव न कराना
जिला महामंत्री संतोष उपाध्याय ने कहा कि नगर निकाय चुनाव न कराना सीधे तौर पर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। जनता को चुने हुए प्रतिनिधि नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे प्रशासन बेलगाम हो गया है।
राज्यपाल के नाम सौंपा गया मांग पत्र
धरना के समापन पर भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र सह नगर प्रशासक को सौंपा। संचालन संतोष उपाध्याय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला सोशल मीडिया प्रभारी अमृत मिश्रा ने किया।
धरना में शामिल प्रमुख नेता
धरना को संबोधित करने वालों में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया, संजीव जजवाड़े, पंकज सिंह भदोरिया, अधीर चंद्र भैया, कन्हैया झा, नारायण दास, रंधीर सिंह, सचिन सुल्तानिया, विनय चंद्रवंशी, रमेश राय, बबलू पासवान, धनंजय तिवारी, बलराम पोद्दार, अभय आनंद झा, सुनीता सिंह, महेशा राय, गौरी शंकर शर्मा सहित वर्टिकल-3 के लाभुक सुधा वर्मा ने भी अपनी बात रखी।
धरना में सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी, वर्टिकल-3 के लाभुक और आम नागरिक मौजूद रहे।

