By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। अपने दो दिवसीय झारखंड दौरे पर पहुंचे भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को देवघर के तपोवन स्थित एक स्कूल परिसर में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के उपरांत उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए झारखंड के प्रशासनिक तंत्र और निर्वाचन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण (SIR – स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर झारखंड के अधिकारी पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के लिए गर्व की बात है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने झारखंड वासियों को पारंपरिक अभिवादन करते हुए कहा, “झारखंड के लोगों को मेरा जोहार। आज झारखंड में मेरा दो दिवसीय दौरा संपन्न हो रहा है और यहां के कार्यों को देखकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई है।”

उन्होंने बताया कि अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की, साथ ही दुमका के बाबा बासुकीनाथ मंदिर और नौलखा मंदिर में भी दर्शन किए। इसके अलावा उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स (AIIMS) के चिकित्सकों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस दौरे का सबसे अहम उद्देश्य चुनाव आयोग के ‘प्रहरी’ कहे जाने वाले बूथ लेवल ऑफिसरों से सीधा संवाद करना था। उन्होंने BLO की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता में BLO की भूमिका सबसे अहम होती है।
SIR को लेकर संतोषजनक स्थिति
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि झारखंड में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर तैयारियां बेहद संतोषजनक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही तिथि का ऐलान किया जाएगा, झारखंड में इस प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “इन दो दिनों के प्रवास के दौरान मैंने यह महसूस किया कि झारखंड के तमाम अधिकारी मतदाता सूची के शुद्धिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करता है।”
भारत का लोकतंत्र और शुद्ध मतदाता सूची
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी मजबूती का आधार शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शुद्ध मतदाता सूची ही पारदर्शी भारत के निर्माण की नींव है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR की प्रक्रिया पहले पूरी की गई और उसके बाद चुनाव संपन्न कराए गए। बिहार में मतदाता सूची से जुड़े मामलों में सहायक निर्वाचन पदाधिकारी और इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के स्तर पर जीरो अपील प्राप्त हुई, जो इस बात का प्रमाण है कि पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और निष्पक्ष रही।
12 राज्यों में चल रहा है SIR
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश के 12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 11 राज्यों की प्रारंभिक मतदाता सूची प्राप्त हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश की सूची आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक मतदाता सूची प्राप्त होने के बाद एक अहम चरण आता है, जिसे “कंप्लेन एंड ऑब्जेक्शन” कहा जाता है। इस चरण में मतदाता सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाती है और उनसे अनुरोध किया जाता है कि यदि सूची में कोई त्रुटि हो तो वे आपत्ति दर्ज कराएं।
कंप्लेन एंड ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत लगभग एक महीने का समय दिया जाता है। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं, क्योंकि इस प्रक्रिया में मानवीय भूल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोई नाम छूट सकता है या किसी तरह की त्रुटि रह सकती है।
उन्होंने कहा कि कंप्लेन एंड ऑब्जेक्शन की अवधि समाप्त होने के बाद जिन क्षेत्रों में मैपिंग या अन्य तकनीकी त्रुटियां पाई जाती हैं, वहां संबंधित मतदाताओं और पक्षों को नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद पदाधिकारी द्वारा सुनवाई (हियरिंग) की जाती है।
फाइनल मतदाता सूची और अपील का अधिकार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि सभी आपत्तियों और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मतदाता सूची तैयार की जाती है। यह अंतिम सूची एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाती है। यदि इसके बाद भी किसी प्रकार की त्रुटि रह जाती है, तो अपील दायर करने का प्रावधान भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
अंत में उन्होंने झारखंड के प्रशासन, BLO और निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रतिबद्धता के साथ यहां काम हो रहा है, वह अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण है।
