देवघर। पूरे झारखंड राज्य में इन दिनों ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। उत्तर भारत से आ रही शीतलहर ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। देव नगरी देवघर भी इस कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। रविवार की सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई और कुछ मीटर आगे तक देख पाना भी मुश्किल हो गया।

घने कोहरे के कारण सड़क यातायात पर सीधा असर देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। राष्ट्रीय राजमार्ग, शहर की मुख्य सड़कें और ग्रामीण इलाकों की सड़कें कोहरे की चादर में लिपटी रहीं। वाहन चालकों को हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर बेहद सावधानी से वाहन चलाना पड़ा। कई स्थानों पर धीमी रफ्तार और कम दृश्यता के कारण जाम जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
रेल और सड़क यातायात पर असर
कोहरे और ठंड का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिला। देवघर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंचीं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं बस सेवाओं पर भी असर पड़ा, खासकर सुबह और देर रात के समय चलने वाली बसों की संख्या कम रही। निजी वाहन चालकों ने भी अनावश्यक यात्रा से परहेज किया।
बाजारों में सन्नाटा, अलाव का सहारा
कड़ाके की ठंड और ठंडी हवाओं के कारण देवघर के बाजारों और चौक-चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल देखने को मिली। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। ठंड से बचने के लिए चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्रों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा कई प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, हालांकि लोगों की मांग है कि इसकी संख्या और बढ़ाई जाए।
स्कूल जाने वाले बच्चों पर असर
ठंड और कोहरे का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा है। सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कम दृश्यता के कारण अभिभावक बच्चों को लेकर चिंतित नजर आए। कई निजी स्कूलों में उपस्थिति कम रही। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से छोटे बच्चों के लिए स्कूल के समय में बदलाव या अस्थायी अवकाश की मांग की है।
बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। ठंड के कारण सर्दी-खांसी, बुखार, सांस की समस्या और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।

डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने, गरम पानी पीने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही अलाव तापते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है। सुबह और देर रात के समय कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिससे यातायात पर और असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन की तैयारियां
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। नगर निगम और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण का कार्य जारी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और रैन बसेरों में अलाव की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि ठंड और बढ़ती है तो अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।
जनता की अपील
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की संख्या बढ़ाई जाए, रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और सड़क पर रहने वाले बेसहारा लोगों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की जा रही है।

कुल मिलाकर देवघर समेत पूरे झारखंड में ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। घना कोहरा, गिरता तापमान और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और प्रशासनिक सहयोग ही इस ठंड से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
