By:Vikash Kumar (Vicky)
देवघर के टावर चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल के समीप आज कांग्रेस पार्टी द्वारा एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह उपवास केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को समाप्त अथवा कमजोर किए जाने के कथित फैसले के विरोध में रखा गया। कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी के विचारों और सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजना गांधी जी के ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
केंद्र सरकार पर कांग्रेस का सीधा हमला
उपवास कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गरीबों, मजदूरों, किसानों और ग्रामीण जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है। मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को कमजोर करना या समाप्त करने की कोशिश करना सीधे तौर पर देश के करोड़ों गरीब परिवारों के साथ अन्याय है। बादल पत्रलेख ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे लोगों को अपने गांव में ही काम मिला और पलायन पर रोक लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना के बजट में लगातार कटौती कर रही है और भुगतान में देरी कर मजदूरों को हतोत्साहित किया जा रहा है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को कमजोर करने या समाप्त करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।
मनरेगा ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा : प्रदीप यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मनरेगा करोड़ों ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है। यह योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिलता है। प्रदीप यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद यदि किसी योजना ने सबसे ज्यादा गरीबों को सीधे लाभ पहुंचाया है, तो वह मनरेगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीब विरोधी नीतियों के तहत इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती और बजट घटाना उसी का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और गांधी जी के नाम पर बनी इस योजना को खत्म करने का सपना देखने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। कांग्रेस हर स्तर पर मनरेगा की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

कार्यकर्ताओं ने किया जनजागरण का आह्वान
उपवास कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। इस योजना से दलित, आदिवासी, महिलाएं और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा लाभान्वित हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को मनरेगा के महत्व के बारे में जागरूक करें और केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा कमजोर हुई तो सबसे ज्यादा असर ग्रामीण गरीबों और मजदूरों पर पड़ेगा।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ उपवास
एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी भी की। मौके पर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने यह संकल्प लिया कि मनरेगा की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

