By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के क्रम में पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश और साइबर थाना की सक्रियता के कारण संभव हो सकी।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पालाजोरी थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और मौके से 11 लोगों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी आरोपी ऑनलाइन माध्यम से लोगों को ठगने का काम कर रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद को विभिन्न कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। आरोपी नकली मोबाइल नंबरों को गूगल पर अपलोड कर देते थे, ताकि जब कोई व्यक्ति कस्टमर केयर नंबर सर्च करे, तो उसे वही नंबर दिखाई दे। इसके बाद ये आरोपी खुद को Flipkart, Amazon, PhonePe, Paytm और Airtel Payment Bank के अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे।

ठगी का तरीका बेहद सुनियोजित और चालाकी भरा था। आरोपी पहले लोगों को कॉल कर या ऑनलाइन संपर्क कर उन्हें कैशबैक, रिवॉर्ड या योजना का लाभ देने का झांसा देते थे। इसके बाद वे लोगों से उनके मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाते या लिंक भेजते थे। कई मामलों में आरोपी पीड़ितों से गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे खुद ही रिडीम कर लेते थे, जिससे सीधे आर्थिक नुकसान होता था।
इतना ही नहीं, आरोपी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का नाम लेकर भी लोगों को ठगते थे। वे फर्जी लिंक भेजकर लोगों की व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे और फिर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। ये सभी उपकरण साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। बरामद मोबाइल फोन में कई फर्जी एप्लीकेशन, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के कुछ सदस्य पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और जेल जा चुके हैं। इससे यह साफ होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और लगातार लोगों को निशाना बना रहा था।

इस मामले में साइबर थाना और पालाजोरी थाना की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर इस गिरोह को पकड़ा। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह से जांच करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन लेन-देन करते समय सावधानी बरतना और केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करना सुरक्षित रहता है।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे न केवल एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि आम जनता को भी एक महत्वपूर्ण संदेश मिला है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

