By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए देवघर पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई दिनांक 23 मार्च 2026 को पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सारवां थाना क्षेत्र अंतर्गत झारखंडी जंगल इलाके में छापेमारी की गई। इस दौरान एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से लोगों को फर्जी तरीके से ठगने का काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम जैसे कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर खुद को Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank और अन्य कंपनियों का अधिकारी बताता था। इसके बाद वह जरूरतमंद लोगों को फोन कर विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के नाम पर ठगी करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रधानमंत्री किसान योजना, लोन दिलाने, कस्टमर केयर सहायता और क्रेडिट कार्ड संबंधी समस्याओं का समाधान करने का झांसा देकर लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद वह अपने फर्जी मोबाइल नंबर के जरिए लोगों को लिंक भेजता था, जिस पर क्लिक करने के बाद पीड़ितों की बैंकिंग जानकारी उसके पास पहुंच जाती थी। इसी जानकारी के आधार पर आरोपी ऑनलाइन पैसे की निकासी कर लेता था।

गिरफ्तार अपराधी की कार्यशैली बेहद सुनियोजित थी। वह सबसे पहले गूगल पर अपना फर्जी मोबाइल नंबर कस्टमर केयर के नाम से अपलोड करता था, जिससे कोई भी व्यक्ति सहायता के लिए सर्च करने पर उसी नंबर पर कॉल करता था। इसके बाद आरोपी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को विश्वास में लेता था और उन्हें कैशबैक या ऑफर का लालच देता था।
इतना ही नहीं, आरोपी PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर भी लोगों को ठगता था। वह उपभोक्ताओं को कैशबैक का लालच देकर उनसे PhonePe Gift Card बनवाता था और फिर उसे रिडीम कर पैसे निकाल लेता था। इस प्रकार वह तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था।

एक अन्य तरीके में आरोपी Airtel Payment Bank का अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करता था और कहता था कि उनका बैंक खाता या कार्ड बंद हो गया है। इसके बाद वह Airtel Thanks App के माध्यम से उसे पुनः चालू कराने का झांसा देता था। इस प्रक्रिया में वह लोगों से उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेता था और फिर खाते से पैसे निकाल लेता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी केवल ठगी ही नहीं करता था, बल्कि साइबर अपराध से प्राप्त पैसों को अन्य स्थानों तक पहुंचाने का भी काम करता था। यानी वह साइबर गिरोह के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा था। इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए पुलिस जांच कर रही है।

देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से ही सहायता लें। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, ओटीपी या पासवर्ड की जानकारी साझा न करें।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या नजदीकी थाना में इसकी सूचना दे।
इस कार्रवाई को देवघर पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल एक साइबर अपराधी को पकड़ा गया है, बल्कि भविष्य में होने वाली ठगी की घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।

