देवघर। जिले के किसानों को धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने शनिवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान किसी भी प्रकार के बिचौलियों के झांसे में न आएं और केवल सरकारी धान अधिप्राप्ति केंद्रों में ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की बिक्री करें।
उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15 दिसंबर 2025 से जिले में धान खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से जागरूकता रथ को जिले के सभी प्रखंडों एवं गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि किसानों तक सही जानकारी पहुंच सके।

42 पैक्सों के माध्यम से होगी धान अधिप्राप्ति
उपायुक्त लकड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि देवघर जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य के लिए कुल 42 पैक्सों (प्राथमिक कृषि साख समितियों) का चयन किया गया है। इन पैक्सों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी पैक्स केंद्र पर जाकर ही धान की बिक्री करें, जिससे उन्हें निर्धारित मूल्य का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी पैक्स केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
तीन लाख क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य निर्धारित
उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष देवघर जिले को धान क्रय का लक्ष्य 3,00,000 (तीन लाख) क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है। इसके लिए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं बोनस की जानकारी
धान की कीमत के संबंध में उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार—
साधारण धान : ₹ 2369 प्रति क्विंटल
ग्रेड ‘ए’ धान : ₹ 2389 प्रति क्विंटल
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹81 प्रति क्विंटल बोनस का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में पारदर्शी तरीके से भुगतान की जाएगी।
गांव-गांव जाकर दी जाएगी जानकारी
उपायुक्त ने बताया कि जागरूकता रथ के माध्यम से जिले के गांव-गांव जाकर किसानों को धान अधिप्राप्ति से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां दी जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से—
किसान पंजीकरण की प्रक्रिया
आवश्यक दस्तावेज
धान बिक्री की समय-सीमा
भुगतान की प्रक्रिया
MSP और बोनस की जानकारी
शामिल है। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ किसानों के बीच भ्रम को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा और उन्हें सही निर्णय लेने में मदद करेगा।
प्रखंड स्तरीय समितियों की साप्ताहिक बैठक का निर्देश
उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया है कि वे प्रखंड स्तरीय धान अधिप्राप्ति अनुश्रवण समिति की बैठक प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से आयोजित करें। इन बैठकों में धान अधिप्राप्ति से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों की सुविधा सर्वोपरि
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इनमें—
बैठने की व्यवस्था
छाया की व्यवस्था
तौल की सही व्यवस्था
समय पर रसीद निर्गत करना
जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच सकें और उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त हो।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रीमती प्रीतिलता किस्कू, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
