By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर।19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ग्लोबल AI इंपैक्ट समिट को लेकर आज देवघर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) में एक दिवसीय AI प्री-समिट का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में STPI के निदेशक, आधार के चेयरमैन, प्रिज्मए AI के डायरेक्टर, तकनीकी विशेषज्ञों, आईटी प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। AI प्री-समिट के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्तमान स्वरूप, भविष्य की संभावनाओं और भारत की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
देवघर जैसे छोटे शहर में AI आयोजन गर्व की बात : निशिकांत दुबे
मुख्य अतिथि सांसद निशिकांत दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि ग्लोबल AI इंपैक्ट समिट पूरी दुनिया में AI को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। यह समिट चौथी बार आयोजित हो रहा है, और इस बार भारत को इसकी मेज़बानी का अवसर मिला है, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय समिट से पहले देश के विभिन्न हिस्सों में AI प्री-समिट का आयोजन किया जा रहा है और देवघर जैसे छोटे शहर में इस तरह का आयोजन होना अपने आप में ऐतिहासिक है।
2047 तक विकसित भारत के संकल्प में AI की अहम भूमिका
सांसद दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इस लक्ष्य को हासिल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने बताया कि आज पूरी दुनिया AI की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है और भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सुरक्षा, शासन, स्टार्टअप और उद्योग जैसे क्षेत्रों में AI के माध्यम से बड़े बदलाव लाए जा रहे हैं।
ग्लोबल AI इंपैक्ट समिट में शामिल होंगे दुनिया के बड़े देश
निशिकांत दुबे ने जानकारी दी कि 19 और 20 फरवरी को दिल्ली में होने वाले ग्लोबल AI इंपैक्ट समिट में दुनिया के कई प्रमुख देश, नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति और शोधकर्ता भाग लेंगे।

इस मंच के माध्यम से यह दर्शाया जाएगा कि भारत किस प्रकार AI के क्षेत्र में काम कर रहा है, युवाओं को कैसे जोड़ रहा है और तकनीक को जनकल्याण से कैसे जोड़ा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत AI के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होगा।
देवघर में STPI युवाओं के लिए वरदान
सांसद ने कहा कि देवघर जैसे धार्मिक और छोटे शहर में STPI का होना किसी वरदान से कम नहीं है। इससे न सिर्फ देवघर बल्कि आसपास के जिलों के युवाओं को आईटी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां से प्रशिक्षित युवा देश-विदेश की नामी आईटी कंपनियों में काम करते हुए नजर आएंगे और देवघर को एक नई पहचान मिलेगी।

STPI के सेकंड फेज में शुरू होगा सुपर कंप्यूटर प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि STPI देवघर के सेकंड फेज का कार्य बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इस फेज में सुपर कंप्यूटर, अत्याधुनिक लैब, रिसर्च फैसिलिटी और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे देवघर तकनीकी शिक्षा और AI रिसर्च के क्षेत्र में झारखंड के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकेगा।
छात्रों में दिखा उत्साह, AI को लेकर बढ़ी समझ
AI प्री-समिट में शामिल STPI के छात्रों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें AI के व्यावहारिक उपयोग, करियर संभावनाओं और भविष्य की दिशा के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला।छात्रों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत AI के क्षेत्र में पूरी दुनिया में नंबर वन बनेगा, और वे भी इस बदलाव का हिस्सा बनेंगे।

AI से बदलेगा भारत का भविष्य
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि AI न केवल तकनीक है, बल्कि यह भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास का इंजन बन सकता है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों को AI से नई गति मिल रही है।
AI प्री-समिट का उद्देश्य देवघर जैसे शहरों से भी तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच से जोड़ना है, जो इस आयोजन के माध्यम से साफ तौर पर दिखाई दिया।
