By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर जिले के कुष्ठ आश्रम रोड स्थित झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले से आए सैकड़ों कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद तिरंगे को सलामी दी गई। उपस्थित कर्मचारियों में देशभक्ति का जोश और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस अवसर पर कार्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
कर्मचारियों के अधिकारों पर जोर
ध्वजारोहण के पश्चात जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हमें केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और कर्तव्यों पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा कर्मचारियों को नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग जैसे अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया गया है, जो कहीं न कहीं कर्मचारियों के शोषण का कारण बन रहा है।

उन्होंने कहा,
“हम सभी एक ही विभाग के कर्मचारी हैं, फिर चाहे हमारी नियुक्ति किसी भी माध्यम से क्यों न हुई हो। काम सबका एक है, जिम्मेदारी सबकी समान है, लेकिन अधिकारों में भेदभाव किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट हों, क्योंकि एकता में ही हमारी सुरक्षा और सम्मान है।”

एकजुटता से ही मिलेगा अधिकार
जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि अगर कर्मचारी बिखरे रहेंगे तो उनका शोषण होता रहेगा, लेकिन यदि सभी कर्मचारी एकजुट होकर आवाज उठाएंगे तो सरकार को हमारी मांगों पर विचार करना ही पड़ेगा। उन्होंने संघ की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हमेशा कर्मचारियों के हित में संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे जाति, वर्ग या नियुक्ति के आधार पर आपसी भेदभाव छोड़कर संगठन को मजबूत करें। “हम सभी कर्मचारी एक परिवार हैं और इस परिवार की मजबूती ही हमारे भविष्य को सुरक्षित कर सकती है,” उन्होंने कहा।

जिलेभर से पहुंचे कर्मचारी
इस अवसर पर देवघर जिला मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न प्रखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों से आए कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कर्मचारियों ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और एक स्वर में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मौजूद कई कर्मचारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल देशभक्ति की भावना मजबूत होती है बल्कि संगठनात्मक एकता भी बढ़ती है। इससे कर्मचारियों को अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर जागरूकता मिलती है।

संगठन की भूमिका सराहनीय
कार्यक्रम में संघ के अन्य पदाधिकारियों और वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने हमेशा कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया है। चाहे वह वेतन, स्थायीकरण, सेवा शर्तों में सुधार या सुरक्षा का मुद्दा हो, संघ हमेशा अग्रणी भूमिका में रहा है।

गणतंत्र दिवस का महत्व बताया
वक्ताओं ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। कर्मचारी भी संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत सम्मानजनक जीवन और समान अवसर के हकदार हैं। ऐसे में कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान की भावना के खिलाफ है।

भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि आने वाले समय में संघ द्वारा जिलेभर में कर्मचारी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि हर कर्मचारी अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सके और संगठन से जुड़कर अपनी आवाज बुलंद कर सके। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार से वार्ता करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

समापन राष्ट्रगान के साथ
कार्यक्रम का समापन पुनः राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने देश और संगठन के प्रति निष्ठा का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, एकता और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल देशभक्ति का प्रतीक बना बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई को भी नई ऊर्जा प्रदान कर गया।
