By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मस्जिद रोड, लालगढ़ इलाके में मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य को लेकर उत्पन्न विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालगढ़ गांव में स्थित एक काली मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह मंदिर काफी पुराना है और लंबे समय से पूजा-अर्चना का केंद्र रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर की मरम्मत और ढलाई का कार्य हाल ही में शुरू किया गया था, जिसको लेकर पहले से ही कुछ लोगों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
घटना के संबंध में घायलों में शामिल बेली कुमारी ने बताया कि मंदिर का ढलाई कार्य एक दिन पूर्व किया गया था। इसके अगले दिन अचानक कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे और मंदिर निर्माण का विरोध करते हुए हमला कर दिया। इस हमले में बेली कुमारी, देवी सुरेश रजक, शंकर रजक, गंगिया देवी, दुलारी देवी और मुनकी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमला इतना अचानक और उग्र था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। घायल अवस्था में सभी को स्थानीय लोगों की मदद से मधुपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों को सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मधुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मधुपुर अंचल पुलिस निरीक्षक (एजीपीओ) के साथ-साथ सारठ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। एहतियातन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा के देवघर जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों और लालगढ़ के निवासियों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि मंदिर काफी पुराना है और उसका जीर्णोद्धार धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, इसको लेकर जिस प्रकार से हमला किया गया, वह बेहद निंदनीय है और इससे इलाके की शांति व्यवस्था प्रभावित हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।
फिलहाल पुलिस द्वारा पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी तरह की भीड़ जुटने पर रोक लगाई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों के निर्माण या जीर्णोद्धार के दौरान संवाद और आपसी समझ कितनी जरूरी है। प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों की भूमिका इस समय बेहद अहम मानी जा रही है, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।

