By: Vikash Mala Mandal
देवघर। चैत्र नवरात्र के आठवें दिन गुरुवार को महाष्टमी के पावन अवसर पर पूरे शहर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मां भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही शहर के विभिन्न पूजा पंडालों, मंदिरों और प्राचीन बेदी घरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महाष्टमी के दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधिवत पूजा की गई, जिसे नवरात्र का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों और पूजा स्थलों पर पहुंचने लगे। शहर के सभी प्रमुख पूजा पंडालों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। खासकर प्राचीन बेदी घरों में श्रद्धालुओं की कतार एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी हो गई थी।

महिलाओं ने निभाई विशेष भूमिका
महाष्टमी के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने विशेष रूप से मां भगवती को डलिया चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर पूजा स्थलों पर पहुंचीं और मां से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान कई स्थानों पर कन्या पूजन की भी तैयारी देखी गई।
हर वर्ग के लोगों की रही भागीदारी
महाष्टमी के दिन बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पूजा पंडालों में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर अपने और अपने परिवार के मंगल जीवन की प्रार्थना की। पूरे शहर में भक्ति गीतों, दुर्गा सप्तशती के पाठ और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

शहर के 33 स्थानों पर हो रही पूजा
चैत्र नवरात्र के अवसर पर शहर के कुल 33 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इनमें भैया दलाल, गाड़ीदार घर, हाथी पहाड़, रामपुर, बिलासी टाउन, भैरव घाट, सिमरगढ़ा, बसंती मंडप, पंडित शिवराम झा चौक स्थित बसंती मंडप, बैद्यनाथ लेन, भुरभुरा चौक स्थित हृदय पीठ सहित कई अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं। सभी जगहों पर आकर्षक सजावट, भव्य पंडाल और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
सुबह से शाम तक लगी रही भीड़
महाष्टमी के दिन सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा स्थलों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी रही। कई स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रशासन की भी तैनाती की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अन्नपूर्णा अष्टमी पर भी उमड़ी श्रद्धा
महाष्टमी के साथ ही गुरुवार को अन्नपूर्णा अष्टमी का भी विशेष महत्व रहा। बाबा मंदिर स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में माता अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा।
महिलाओं ने अन्न और वस्त्र किया अर्पित
अन्नपूर्णा अष्टमी के अवसर पर महिलाओं ने माता अन्नपूर्णा को अन्न, वस्त्र और फल अर्पित किए। इस दिन माता से घर में अन्न-धन की कभी कमी न होने की कामना की जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता अन्नपूर्णा की कृपा से घर में सुख-समृद्धि और भोजन की भरपूरता बनी रहती है।

भक्ति से सराबोर रहा मंदिर परिसर
अन्नपूर्णा मंदिर में पूरे दिन भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था भी की गई थी।

भक्ति के रंग में रंगा शहर
चैत्र नवरात्र के इस पावन अवसर पर पूरा शहर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हर गली-मोहल्ले में देवी गीत गूंजते रहे और लोग पूरे उत्साह के साथ पूजा में शामिल होते दिखे। महाष्टमी के दिन की यह श्रद्धा और आस्था आने वाले नवमी और रामनवमी के लिए भी उत्साह को और बढ़ा रही है।

