By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर नगर निगम चुनाव 2026 के परिणामों ने सभी राजनीतिक अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। लंबे इंतजार और कड़ी चुनावी प्रतिस्पर्धा के बाद युवा प्रत्याशी रवि राउत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महापौर पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 5143 मतों के भारी अंतर से हराकर देवघर नगर निगम के नए महापौर बनने का गौरव हासिल किया।

मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई, जिसमें शुरुआत से ही रवि राउत लगातार बढ़त बनाए हुए थे। जैसे-जैसे मतगणना के चरण आगे बढ़ते गए, उनकी जीत लगभग तय होती चली गई और अंततः आधिकारिक घोषणा के साथ युवा नेतृत्व की जीत पर मुहर लग गई।
शांतिपूर्ण माहौल में हुई मतगणना
नगरपालिका आम चुनाव 2026 की मतगणना देवघर कॉलेज स्थित बजगृह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई। प्रशासन द्वारा 36 टेबलों पर मतगणना की व्यवस्था की गई थी, जहां सुबह 8 बजे से ही प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
मतगणना के दौरान सामान्य प्रेक्षक, निर्वाचन पदाधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरे कार्य को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, जिसके कारण पूरे दिन शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने मतगणना प्रक्रिया के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना थी, जिसे पूरी तरह सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

मतगणना के आंकड़ों ने साफ किया जनादेश
आधिकारिक परिणाम पत्र (प्रपत्र-19) के अनुसार महापौर पद के लिए कुल 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बावजूद जनता ने युवा चेहरे पर भरोसा जताया।
मतों की गिनती के दौरान रवि राउत को विभिन्न चरणों में लगातार भारी समर्थन मिला। अंतिम गणना में उन्हें कुल 24,719 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी मुख्य प्रतिद्वंदी रीता चौरसिया को 19,571 मत मिले। इस प्रकार रवि राउत ने 5143 वोटों के निर्णायक अंतर से जीत हासिल की।
यह परिणाम देवघर की राजनीति में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।
शुरुआत से ही बनाए रखी बढ़त
मतगणना के पहले राउंड से ही रवि राउत बढ़त में दिखाई दिए। दूसरे और तीसरे चरण में भी उनका वोट प्रतिशत लगातार बढ़ता गया। चौथे और पांचवें चरण में यह बढ़त निर्णायक अंतर में बदल गई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह जीत केवल चुनावी रणनीति का परिणाम नहीं बल्कि जनता के बीच लंबे समय से बनाए गए संपर्क, जमीनी कार्य और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ का परिणाम है।
युवा नेतृत्व पर जनता की मुहर
देवघर नगर निगम चुनाव 2026 का सबसे बड़ा संदेश युवा नेतृत्व के प्रति जनता का विश्वास माना जा रहा है। रवि राउत अपेक्षाकृत युवा उम्मीदवार थे, लेकिन उन्होंने अपने चुनाव अभियान में विकास, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने वार्ड स्तर पर जनसंवाद कार्यक्रम, युवाओं के साथ बैठक और महिलाओं से सीधे संवाद को प्राथमिकता दी, जिसका सकारात्मक असर मतदान परिणाम में स्पष्ट दिखाई दिया।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थन को मिली मजबूती
इस चुनाव में रवि राउत को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का समर्थन प्राप्त था। उनकी जीत को पार्टी के लिए भी बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
झामुमो जिला अध्यक्ष संजय शर्मा ने परिणाम आने के बाद कहा:
> “यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और जनता के भरोसे की जीत है। देवघर की जनता ने विकास और युवा सोच को चुना है।”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
जीत के बाद रवि राउत का पहला बयान
जीत की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत में रवि राउत ने देवघर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा:
> “देवघर की जनता ने युवा सोच को समर्थन देकर विकास की नई दिशा तय की है। यह जीत मेरी नहीं बल्कि पूरे शहर की जनता की जीत है।”
उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट कीं:
महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
युवाओं के रोजगार और समस्याओं का समाधान
नगर निगम की कागजी प्रक्रियाओं को सरल बनाना
सफाई और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार
डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था लागू करना
चुनाव में कड़ी टक्कर
महापौर पद के चुनाव में कुल 18 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें कई अनुभवी और चर्चित चेहरे शामिल थे। शुरुआती दौर में मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था, लेकिन अंतिम परिणाम ने स्पष्ट जनादेश दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से ज्यादा स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि निर्णायक साबित हुई।

महिलाओं और युवाओं का निर्णायक वोट
चुनाव विश्लेषण के अनुसार इस बार महिलाओं और पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया। यही वर्ग चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बना।
रवि राउत ने अपने अभियान में महिला सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य सुविधाएं और युवाओं के लिए रोजगार अवसर जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था, जिसका सीधा लाभ उन्हें मिला।
प्रशासन की भूमिका रही सराहनीय
मतगणना के दौरान प्रशासन की व्यवस्था की सभी राजनीतिक दलों ने सराहना की। सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन के कारण किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शांतिपूर्ण चुनाव बेहद जरूरी है और देवघर ने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
देवघर की राजनीति में नई शुरुआत
रवि राउत की जीत को देवघर नगर निगम की राजनीति में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। युवा नेतृत्व के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को धरातल पर उतारने की होगी।
शहरवासियों की अपेक्षाएं अब विकास, साफ-सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन, जल निकासी और डिजिटल सेवाओं में सुधार को लेकर बढ़ गई हैं।

आगे की राह
राजनीतिक जानकारों के अनुसार आने वाले पांच साल देवघर शहर के शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि घोषित प्राथमिकताओं पर तेजी से काम होता है तो देवघर स्मार्ट और व्यवस्थित शहरों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
जनता अब नए महापौर से पारदर्शी प्रशासन, तेज निर्णय प्रक्रिया और जमीनी विकास की उम्मीद कर रही है।
देवघर नगर निगम चुनाव 2026 केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि सोच परिवर्तन का संकेत बनकर सामने आया है। जनता ने अनुभव के साथ-साथ ऊर्जा और नई दृष्टि को प्राथमिकता दी है।
5143 मतों की निर्णायक जीत के साथ रवि राउत ने यह साबित कर दिया कि मजबूत जनसंपर्क, स्पष्ट विजन और युवा नेतृत्व लोकतंत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
अब पूरे शहर की नजर इस बात पर होगी कि चुनावी वादे किस गति से विकास योजनाओं में बदलते हैं।

