By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। नगर निकाय चुनाव को लेकर देवघर का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया के समर्थन में आज गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने चुनावी रणनीति, संगठनात्मक एकजुटता और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को लेकर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। सांसद निशिकांत दुबे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड सरकार ने डर के कारण निकाय चुनाव दलगत आधार पर नहीं कराया है, जिससे जनता के बीच उम्मीदवारों की राजनीतिक पहचान स्पष्ट करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।

दलगत चुनाव नहीं होने पर सरकार पर निशाना
सांसद दुबे ने अपने संबोधन में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि चुनाव दलगत आधार पर होता तो मतदाताओं को स्पष्ट रूप से पता होता कि कौन सा उम्मीदवार किस पार्टी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अब कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर यह बताना पड़ रहा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार ही “कमल छाप” के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता का अंदेशा था, इसलिए चुनाव को गैर-दलगत स्वरूप में कराया गया। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि जनता भाजपा की विचारधारा और विकास कार्यों को पहचानती है और परिणाम भाजपा के पक्ष में ही आएंगे।

48 में 48 निकाय जीतने का दावा
बैठक के दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा चुनावी दावा करते हुए कहा कि झारखंड के 48 में से 48 नगर निकायों में अधिकतम सीटें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की झोली में जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्यभर में भाजपा के पक्ष में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और जनता विकास, पारदर्शिता तथा मजबूत नेतृत्व के आधार पर मतदान करेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में लहर देखने को मिली थी, उसी तरह इस बार नगर निकाय चुनाव में भी भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। देवघर नगर निगम क्षेत्र में चुनाव को उन्होंने “एकतरफा मुकाबला” बताते हुए प्रचंड बहुमत की भविष्यवाणी की।

संगठनात्मक एकता पर जोर
सांसद दुबे ने भाजपा के उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी संदेश दिया जो चुनावी मैदान में अलग-अलग रूप से सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी सर्वोपरि होती है और सभी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर संगठन के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी जो निर्णय लेती है, वह व्यापक संगठनात्मक और राजनीतिक सोच के आधार पर लिया जाता है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी के अधिकृत और समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट होकर काम करना चाहिए।

रीता चौरसिया के अनुभव और समर्पण की चर्चा
बैठक में सांसद ने मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया के लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रीता चौरसिया लंबे समय से पार्टी से जुड़ी हुई हैं और संगठन के लिए निरंतर कार्य करती रही हैं। पार्टी ने पहली बार उन्हें मेयर पद के लिए समर्थन दिया है, जो उनके समर्पण और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग व्यक्तिगत मतभेद भूलकर भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करें और नगर विकास के लिए एक मजबूत नेतृत्व चुनें।

विकास और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव
बैठक के दौरान स्थानीय विकास, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, नगर प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि नगर निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहर के विकास से जुड़ा होता है और जनता ऐसे नेतृत्व को चुनना चाहती है जो विकास को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि देवघर एक धार्मिक और पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां बेहतर शहरी प्रबंधन, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाओं की अत्यधिक आवश्यकता है। भाजपा समर्थित नेतृत्व नगर निगम को नई दिशा देने का काम करेगा।

कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने का निर्देश
बैठक के अंत में सांसद निशिकांत दुबे ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने, मतदाताओं से सीधा संवाद बढ़ाने और चुनाव प्रचार को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने का सबसे मजबूत आधार संगठन की सक्रियता और कार्यकर्ताओं की मेहनत होती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर संपर्क अभियान चलाएं, मतदाताओं को भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों की जानकारी दें तथा अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करें।
चुनावी माहौल हुआ तेज
इस बैठक के बाद देवघर नगर निकाय चुनाव का राजनीतिक माहौल और अधिक सक्रिय हो गया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है, वहीं अन्य दल और प्रत्याशी भी अपनी रणनीति मजबूत करने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में चुनावी सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देवघर नगर निगम का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होने वाला है, जहां संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

