By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। स्थानीय समाहरणालय परिसर में मंगलवार को एक सराहनीय पहल के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नगर निगम प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, एसडीएम सहित कई अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस शिविर में कुल लगभग 20 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो जिले के स्वास्थ्य सेवा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस रक्तदान शिविर का आयोजन जिला प्रशासन की पहल पर किया गया था, जिसका उद्देश्य आमजन में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। शिविर में नगर निगम के अधिकारी, कर्मी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी तथा युवाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
नगर आयुक्त ने की पहल की सराहना
इस मौके पर नगर आयुक्त रोहित सिन्हा ने कहा कि जिले के उपायुक्त की यह एक शानदार और प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। आज नगर प्रशासन की ओर से लगभग 20 यूनिट रक्त स्वेच्छा से दान किया गया है, जो अपने आप में गर्व की बात है। नगर आयुक्त ने कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। लोग यह समझते हैं कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है या इससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है।

हर तीन महीने में रक्तदान करने की अपील
रोहित सिन्हा ने कहा कि चिकित्सकीय दृष्टिकोण से हर स्वस्थ व्यक्ति को तीन महीने के अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए। इससे न केवल जरूरतमंद मरीजों की जान बचती है, बल्कि रक्तदाता का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। रक्तदान करने से शरीर में नए रक्त कणों का निर्माण तेजी से होता है, जिससे शरीर अधिक सक्रिय और स्वस्थ रहता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे आगे आकर रक्तदान करें और इस सामाजिक जिम्मेदारी को निभाएं। जब जिला स्तर के अधिकारी स्वयं रक्तदान करेंगे तो आम लोग भी उनसे प्रेरित होकर इस पुनीत कार्य में शामिल होंगे।
रक्तदान से नहीं होती कोई हानि
नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रक्तदान करने से मनुष्य को किसी प्रकार की कोई हानि नहीं होती है। बल्कि यह एक सुरक्षित और लाभकारी प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्तदान से किसी व्यक्ति की जान बच सकती है और यही रक्तदान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं, सर्जरी, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों में रक्त की अत्यधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर समय रहते रक्त उपलब्ध न हो तो मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है।

जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल
इस रक्तदान शिविर के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। समाहरणालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन करना यह दर्शाता है कि प्रशासन जनता के प्रति कितना संवेदनशील है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस अवसर पर बताया कि एकत्रित रक्त को सुरक्षित तरीके से ब्लड बैंक में संग्रहित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
कर्मचारियों और युवाओं में दिखा उत्साह
शिविर के दौरान कर्मचारियों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने पहली बार रक्तदान किया और इस अनुभव को जीवन का सबसे संतोषजनक अनुभव बताया। कुछ युवाओं ने कहा कि उन्हें पहले डर लगता था, लेकिन जब अधिकारियों को खुद रक्तदान करते देखा तो उनका डर खत्म हो गया।
सामाजिक जागरूकता का संदेश
इस रक्तदान शिविर के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है कि अगर प्रशासन और समाज मिलकर प्रयास करें तो किसी भी सामाजिक समस्या का समाधान संभव है। रक्त की कमी जैसी समस्या को केवल नियमित रक्तदान से ही दूर किया जा सकता है।
भविष्य में और शिविर लगाने की योजना
नगर आयुक्त ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह के और भी रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे, ताकि जिले में रक्त की कभी कमी न हो। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।
देवघर समाहरणालय परिसर में आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि यह मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया। नगर प्रशासक, एसडीएम और अन्य अधिकारियों द्वारा स्वयं रक्तदान करना समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस पहल से प्रेरित होकर अधिक से अधिक लोग आगे आएंगे और रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में भाग लेंगे।

