By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर, 8 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद, देवघर शाखा द्वारा रविवार को शहर के करिश्मा उत्सव पैलेस, हर्दला कुंड में “नारी वंदन समारोह – सशक्त महिला सम्मान 2026” का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली छह विशिष्ट महिलाओं को “नारी वंदन – सशक्त महिला सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन कर कार्यक्रम को राष्ट्रभक्ति के भाव से प्रारंभ किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत विकास परिषद देवघर शाखा के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा, ममता और संस्कार की प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। परिवार से लेकर समाज और राष्ट्र के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, संस्कार और राष्ट्रभावना को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य के तहत परिषद समय-समय पर समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मानित करने और प्रेरित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती है। नारी वंदन समारोह का आयोजन भी इसी उद्देश्य का हिस्सा है, ताकि समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जा सके और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके।

इस अवसर पर देवघर जिले की छह विशिष्ट महिलाओं को उनके-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “नारी वंदन – सशक्त महिला सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में वार्ड पार्षद श्रीमती शैलजा देवी, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शिवांगी, सामाजिक कार्यकर्ता रूबी नाज़, कथक नृत्यांगना, कोरियोग्राफर एवं नृत्य प्रशिक्षक शिवांगी शर्मा तथा राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी सोनाली दुबे प्रमुख रूप से शामिल रहीं। इन सभी महिलाओं को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। शिक्षा, चिकित्सा, खेल, कला, समाज सेवा और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। यह समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक संकेत है।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि सदर अस्पताल देवघर की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा तथा ए.एस. कॉलेज देवघर की मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापक डॉ. पुष्पलता ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में महिलाओं की भूमिका और उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. सुषमा वर्मा ने कहा कि महिला केवल परिवार की धुरी ही नहीं बल्कि समाज की प्रगति की आधारशिला भी है। जब महिलाएं शिक्षित और सशक्त होती हैं तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनते हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। वहीं डॉ. पुष्पलता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान डॉ. इति झा, सोनम झा और रचना झा ने अपनी भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी कविताओं को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को परिषद के पुरुष सदस्यों द्वारा नारी वंदन के रूप में स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज में महिलाओं के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन महिला सहभागिता संयोजक कंचन मूर्ति साह ने अत्यंत प्रभावशाली और आकर्षक ढंग से किया। उनके सधे हुए शब्दों और प्रस्तुति शैली ने पूरे कार्यक्रम को गरिमामय और यादगार बना दिया।

कार्यक्रम की सफलता में परिषद के कोषाध्यक्ष एस. पी. भुईयां बिलास सहित रंजीत बरनवाल, डॉ. ऊषा सिंह, आशा कुमारी प्रसाद, किरण बरनवाल, मौसमी भुईयां, ब्यूटी कुमारी, पुष्पांजलि, डॉ. राजेश राज, प्रशांत कुमार सिन्हा, राम किशोर सिंह, रामसेवक सिंह ‘गुंजन’, ममता सिंह और पूनम सिंहका का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के सचिव कंचन शेखर सिंह ने सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
नारी वंदन समारोह के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया गया कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही एक समृद्ध और विकसित समाज की आधारशिला है।

