
देवघर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन देवघर की ओर से पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल-कूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा तीन दिवसीय विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
खेलों से अनुशासन और व्यक्तित्व का निर्माण – उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि खेल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। एक स्वस्थ शरीर व सशक्त मस्तिष्क के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। तनाव और दबाव को दूर करने में खेल सबसे कारगर साधन हैं।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि आदर्श विद्यार्थी बनने के लिए अनुशासन, व्यक्तित्व निर्माण, बेहतर संवाद कौशल (कम्युनिकेशन स्किल) और खेलों के प्रति झुकाव होना चाहिए। साथ ही उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया के सही उपयोग और उसके नकारात्मक प्रभावों से भी अवगत कराया।
बैडमिंटन, कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बैडमिंटन, कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। बच्चों के उत्साह और प्रतिभा ने पूरे वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
उपायुक्त ने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि खिलाड़ी हमेशा खेल भावना के साथ खेलें और अनुशासन को सर्वोपरि रखें।
खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा एवं उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसके अलावा इनडोर स्टेडियम में आयोजित रक्तदान शिविर में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले रक्तदाताओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सबसे बड़ा कार्य है और युवाओं को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए

उप विकास आयुक्त का संबोधन
इस दौरान उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा ने सभी खिलाड़ियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि खेल गतिविधियाँ बच्चों के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं। खेलों से आपसी सम्मान, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है। शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भाग लेकर बच्चे अपने भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
मेजर ध्यानचंद को दी गई श्रद्धांजलि
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में हर वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ध्यानचंद ने भारतीय हॉकी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी उपलब्धियों को सदैव याद किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी
इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी श्री संतोष कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी श्री ओम प्रियदर्शी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार विद्यार्थी, खेल प्राधिकरण के सदस्य, प्रशिक्षक व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

